नयी दिल्ली, 25 नवंबर (भाषा) बिजली मंत्रालय ने ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक एकीकृत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास में तेजी लाने को लेकर भारत ऊर्जा ‘स्टैक’ पर एक कार्यबल की बैठक आयोजित की।
मंत्रालय द्वारा गठित भारत ऊर्जा ‘स्टैक’ (आईईएस) पर कार्यबल का उद्देश्य देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक एकीकृत, सुरक्षित और अंतर-संचालनीय डिजिटल ढांचागत सुविधा का निर्माण करना है।
आईईएस की नोडल एजेंसी, आरईसी ने कहा, ‘‘बैठक का मुख्य उद्देश्य पहल के दो मुख्य आधारभूत तत्वों… आईईएस रणनीति दस्तावेज (संस्करण 0.1) का मसौदा और आईईएस आर्किटेक्चर दस्तावेज (संस्करण 0.1) की सामूहिक समीक्षा और रणनीतिक चर्चा करना था।’’
भारत जैसे-जैसे 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और अपनी शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन प्रतिबद्धताओं की ओर कदम उठा रहा है, बिजली क्षेत्र अभूतपूर्व अवसरों और जटिल चुनौतियों का सामना कर रहा है।
नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा बाजारों में उपभोक्ता भागीदारी में तीव्र वृद्धि इस क्षेत्र को बदल रही है। इसके बावजूद विभाजित प्रणालियां और निर्बाध डिजिटल एकीकरण का अभाव प्रमुख बाधाएं बनी हुई हैं।
इन समस्याओं के समाधान के लिए, विद्युत मंत्रालय भारत ऊर्जा ‘स्टैक’ के माध्यम से इस क्षेत्र की डिजिटल नींव को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। यह एक डिजिटल सार्वजनिक बुनिया ढांचा (डीपीआई) है जिसे बिजली से जुड़ी मूल्य श्रृंखला में प्रबंधन, निगरानी और नवोन्मेष के लिए एक मानकीकृत, सुरक्षित और खुला मंच प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
भाषा रमण अजय
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