देहरादून, चार अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सौंग बांध पेयजल परियोजना के लिए 1,774 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे देहरादून की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।
नई दिल्ली में भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने सीतारमण से इस धनराशि का वित्तपोषण भारत सरकार के पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता के तहत करने का अनुरोध किया।
यहां जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, धामी ने इस परियोजना को देहरादून के लिए अति महत्वपूर्ण बताते हुए वित्त मंत्री को जानकारी दी कि इससे संबंधित सभी आवश्यक तकनीकी, वन भूमि हस्तांतरण एवं अन्य आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि 2021 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों के पुनर्वास का 247 करोड़ रुपये बोझ राज्य सरकार उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में देहरादून नगर एवं इसके उपनगरीय क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था मुख्य रूप से नलकूपों द्वारा की जा रही है जिससे भूजल स्तर में लगातार गिरावट हो रही है।
उन्होंने कहा कि देहरादून की बढ़ती आबादी के कारण तेजी से बढ रही पेयजल की मांग को देखते हुए मौजूदा आपूर्ति व्यवस्था भविष्य की पेयजल मांग को पूर्ण करने में सक्षम नहीं होगी ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में सतत पेयजल की सुविधा प्रदान करने के लिए गंगा नदी की सहायक नदी सौग पर प्रस्तावित परियोजना के निर्माण से 150 एमएलडी पेयजल देहरादून नगर व इसके उपनगरीय क्षेत्रों की लगभग 10 लाख आबादी को उपलब्ध होगा।
धामी ने कहा कि परियोजना के निर्माण से पेयजल व्यवस्था की नलकूपों पर निर्भरता लगभग समाप्त हो जाएगी जिससे भूजल दोहन में भारी कमी आएगी और भूजल स्तर में बढ़ोतरी होगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी आयेगी एवं भविष्य में नए नलकूपों एवं उनपर होने वाले संचालन व रखरखाव संबंधी व्यय में भी कटौती होगी। उन्होंने कहा कि बांध परियोजना के बनने से झील का निर्माण होगा जो क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगा जिससे रोजगार सृजन होगा एवं स्थानीय नागरिकों की आमदनी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि झील निर्माण से पर्यावरण को भी लाभ होगा और बाढ़ नियंत्रण में भी यह सहायक होगी जो देहरादून जिले के 10 गांवों की लगभग 15,000 आबादी को सौंग नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से सुरक्षा देगी।
धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की तथा उनसे टनकपुर-देहरादून के मध्य एक जनशताब्दी ट्रेन और दिल्ली-रामनगर के मध्य शताब्दी एक्सप्रेस रेलगाड़ी चलाने का अनुरोध किया ।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों को जोड़ने के लिये देहरादून-काठगोदाम जनशताब्दी एकमात्र रेल सेवा है जबकि कुमाऊं क्षेत्र के एक बड़े हिस्से के साथ नेपाल सीमा होने के कारण वहां के लोगों का आवागमन भी टनकपुर से ही होता है। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर टनकपुर-देहरादून के बीच एक जनशताब्दी रेल सेवा जरूरी है।
इसके अलावा, धामी ने प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय पार्क में देश-विदेश से पर्यटकों के निरंतर आवागमन के मददेनजर दिल्ली-रामनगर शताब्दी एक्सप्रेस रेल सेवा की जरूरत पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने वैष्णव से हरिद्वार से वाराणसी वंदे भारत ट्रेन चलाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
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