1000 rupee note bloomberg
(फोटो:Bloomberg)
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मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नोटबंदी को लेकर देश से माफी मांगने को कहा, जिसके कारण अर्थव्यवस्था ‘तबाह’ हो गई. वहीं, सरकार का कहना है कि काले धन की जड़ कटी है.

नई दिल्ली: आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को टीवी के माध्यम से संदेश दिया था कि देश में नोटबंदी लागू की जा रही थी. सरकार का कहना था कि काले धन पर रोक लगेगी, नकली मुद्रा पर रोक लगेगी और आतंकवाद के वित्त पोषण पर लगाम लगेगी.

सरकार का दावा है कि नोटबंदी के कारण आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या बढ़ी है जिससे कर क्षेत्र में पारदर्शिता आई है, जिससे भ्रष्टाचार और काले घन की जड़ें कटीं हैं, नोटबंदी के पहले आयकर भरने वालों की संख्या 2013-14 में 3.79 करोड़ थी जो 2017-18 में बढ़ कर 6.86 करोड़ हो गई है.

वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नोटबंदी को लेकर देश से माफी मांगने को कहा, जिसके कारण अर्थव्यवस्था ‘तबाह’ हो गई. कांग्रेस ने कहा कि शुक्रवार को नोटबंदी की दूसरी सालगिरह पर देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे बिना सोचे समझे उठाया गया कदम बताया और कहा कि ‘नोटबंदी का असर  हर व्यक्ति को, चाहे किसी उम्र, धर्म, व्यवसाय या जाति का हो, झेलना पड़ा है. कहते हैं कि समय घावों को भर देता है पर समय के साथ नोटबंदी के घाव नासूर बन गये हैं.’

उन्होंने कहा कि छोटे और मध्य आकार के व्यवसाय जोकि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं अब भी नोटबंदी से उबरने की कोशिश कर रहे हैं. इसका सीधा असर नौकरियों पर पड़ रहा है. वित्त बाज़ार भी अस्थिर है.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, “दो साल पहले प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की घोषणा की थी और इसे लागू करने के तीन कारण गिनाए थे. पहला इससे काला धन पर रोक लगेगी, दूसरा नकली मुद्रा पर रोक लगेगी और तीसरा आंतकवाद के वित्त पोषण पर रोक लगेगी, लेकिन इसमें से एक भी उद्देश्य पूरा नहीं हुआ.”

उन्होंने कहा, ‘वास्तव में, अब प्रचलन में दो साल पहले की तुलना में ज़्यादा नकदी आई है, जब मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी.’ कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी को देशवासियों से 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के अपने ‘तुगलकी फरमान’ के लिए आठ नवंबर को (नोटबंदी की सालगिरह पर) माफी मांगनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि नोटबंदी जैसे तुगलकी फरमान से देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त करने के विरोध में आठ नवंबर को कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे.

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा, ‘जिसने दिवाली के शुभ समय पर , दो साल पहले, आज ही के दिन शाम 8 बजे किया था देश का आर्थिक दिवाला, उनको भी आज याद करना ज़रूरी है. चलो भक्तों बोलो वाह मोदीजी वाह!’

वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि वे पहले दिन से ही डीमोनेटाइज़ेशन के खिलाफ बोल रहीं है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘आज नोटबंदी की त्रासदी की दूसरी सालगिरह है. जब उसकी घोषणा हुई थी तभी से मैं कह रही थी कि ये एक त्रासदी है. अब सभी जाने माने अर्थशास्त्री, आमजन और विशेषज्ञ ये मानते है. ‘

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कड़े शब्दों में भाजपा सरकार के नोटबंदी के फैसले की आलोचना की और ट्वीट किया, ‘मोदी सरकार के वित्तीय घोटालों की फेरहिस्त हालांकि अंतहीन है पर भारतीय अर्थव्यवस्था पर स्वयं लगाए गए गहरे नोटबंदी के घाव के बाद आज तक ये बात एक रहस्य बनी हुई है कि देश को क्यों इस त्रासदी में ढकेला गया?’

वहीं, इस कदम का मुखर बचाव करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, ‘दो साल पहले 125 करोड़ देशवासियों ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार काले धन और आतंकवाद के खिलाफ कदम उठाने के लिए हाथ मिलाया. हम नये भारत के निर्माण में तेज़ी से प्रगति कर रहें है. इसलिए भ्रष्ट कांग्रेस नोटबंदी से डरती है. ‘


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