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Friday, 20 March, 2026
होमदेशअर्थजगतनोटबंदी का फैसला पेटीएम से प्रेरित होकर नहीं हुआ थाः संस्थापक शर्मा

नोटबंदी का फैसला पेटीएम से प्रेरित होकर नहीं हुआ थाः संस्थापक शर्मा

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मुंबई, सात अक्टूबर (भाषा) डिजिटल भुगतान मंच पेटीएम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय शेखर शर्मा ने मंगलवार को कहा कि नोटबंदी के फैसले को उनकी कंपनी ने किसी भी तरह से प्रेरित नहीं किया था।

शर्मा ने यह भी कहा कि यदि उनकी कंपनी का इतना ही प्रभाव होता तो आज वह कई चुनौतियों से नहीं घिरी होती। उन्होंने यहां ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025’ को संबोधित करते हुए यह बात कही।

शर्मा ने पेटीएम के अब तक के सफर का जिक्र करते हुए कहा, “नवंबर 2016 में जब नोटबंदी हुई तो लोग समझते थे कि हमने इसे प्रेरित किया। लेकिन अगर हमारी इतनी ही औकात होती तो हम आज जैसी परेशानियों में नहीं घिरे होते।”

पेटीएम पिछले कुछ वर्षों में रिजर्व बैंक और सेबी जैसी नियामकीय संस्थाओं की निगरानी में रही है और कंपनी पर कई कथित नियमों के उल्लंघनों के आरोप लगे हैं।

इस अवसर पर शर्मा ने भारत में कृत्रिम मेधा (एआई) में स्वदेशी विकास और संप्रभुता को लेकर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि वह एआई-केंद्रित सेवाएं शुरू कर रहे हैं और इसके लिए एक नई ब्रांड पहचान को अपनाएंगे। शर्मा ने भारत में एआई पर काम की कमी को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, “भारत के लिए एआई की संप्रभुता महत्वपूर्ण है। देश को विदेशी प्रभुत्व के अधीन नहीं होना चाहिए। मेरा मानना है कि हम इसमें सक्षम हैं और इसे विकसित करेंगे।”

शर्मा ने अमेरिका पर प्रौद्योगिकी निर्भरता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने अपने कंप्यूटर, क्लाउड नेटवर्क और मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए अमेरिकी मंचों पर भरोसा किया लेकिन चीन ने अपनी प्रौद्योगिकी एवं मोबाइल ऑपरेटिंग प्रणाली विकसित की।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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