नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने वित्त वर्ष 2024-25 में मालगाड़ियों के परिचालन में 48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
रेलवे बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और चेयरमैन सतीश कुमार ने शुक्रवार को नयी दिल्ली के भारत मंडपम में डीएफसीसीआईएल के 20वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान यह बात कही।
डीएफसीसीआईएल लगभग 2,750 किलोमीटर लंबे पूर्वी और पश्चिमी गलियारों का प्रबंधन करती है।
निगम ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में उसने प्रतिदिन औसतन 381 से अधिक मालगाड़ियों का परिचालन किया, जो इसकी परिचालन दक्षता को दर्शाता है।
डीएफसीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि भारत की कुल लॉजिस्टिक लागत लगभग 24 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है और निगम के परिवर्तनकारी प्रभाव ने लॉजिस्टिक लागत को सकल घरेलू उत्पाद के 14 प्रतिशत से घटाकर लगभग 8-9 प्रतिशत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डीएफसीसीआईएल ने एक बयान में कहा, ”समीक्षाधीन अवधि में कुल 1,39,302 ट्रेनों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया, जो संगठन की बढ़ती विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता का प्रमाण है।”
डीएफसीसीआईएल मार्ग पर देश की सबसे लंबी मालगाड़ी रुद्रराष्ट्र है, जिसकी लंबाई 4.5 किलोमीटर है और जिसमें 354 वैगन और सात लोकोमोटिव हैं।
भाषा पाण्डेय
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