नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेश ट्रस्टों आरईआईटी और इनविट के प्रायोजकों के लिए उच्च जिम्मेदारी से संबंधित प्रस्ताव पर सार्वजनिक टिप्पणियां जमा करने की समय सीमा बृहस्पतिवार को 15 मार्च तक बढ़ा दी।
बाजार नियामक ने 23 फरवरी को रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) में प्रायोजकों पर एक परामर्श पत्र जारी किया था। इस पर आठ मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी गई थीं।
सेबी ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा, ”टिप्पणियां देने की समय सीमा को 15 मार्च, 2023 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।”
बाजार नियामक ने अपने परामर्श पत्र में रीट और इनविट को नियंत्रित करने वाले नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया था। इसके लिए प्रायोजकों को इन निवेश ट्रस्टों में कुछ प्रतिशत इकाइयों के स्वामित्व की जरूरत होगी।
यूनिट धारकों और रीट एवं इनविट के लिए प्रायोजक की अनुपस्थिति से जुड़ी संरचनात्मक कमजोरियों को ध्यान में रखते हुए परिवर्तन प्रस्तावित किए गए थे।
सेबी ने सुझाव दिया कि रीट/इनविट के प्रायोजकों को सूचीबद्धता की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए पूंजी का 15 प्रतिशत हिस्सा रखना चाहिए। तीन साल के बाद कोई अनिवार्य इकाई रखने की आवश्यकता नहीं होगी।
भाषा रिया पाण्डेय
पाण्डेय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.