scorecardresearch
Sunday, 29 March, 2026
होमदेशअर्थजगतडब्ल्यूटीओ में भारत के दावे पर अमेरिका ने कहा, तांबे पर शुल्क रक्षोपाय नहीं

डब्ल्यूटीओ में भारत के दावे पर अमेरिका ने कहा, तांबे पर शुल्क रक्षोपाय नहीं

Text Size:

नयी दिल्ली, 10 नवंबर (भाषा) अमेरिका ने भारत के इस दावे को खारिज किया है कि वाशिंगटन का तांबे पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाना, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के तहत रक्षोपाय (सेफगार्ड) है।

अमेरिका ने कहा कि उसकी वस्तुओं पर शुल्क रियायतों को निलंबित करने के भारत के प्रस्ताव का कोई आधार नहीं है। ये शुल्क एक अगस्त को लगाए गए थे।

भारत अमेरिका को तांबे के उत्पादों का निर्यात करता है, इसलिए उसने सितंबर में डब्ल्यूटीओ के सुरक्षा समझौते के तहत इस मामले पर अमेरिका से परामर्श की मांग की है। भारत ने कहा कि ये शुल्क रक्षोपाय हैं।

भारत की अधिसूचना के जवाब में अमेरिका की ओर से छह नवंबर को जारी एक पत्र के अनुसार, ‘‘ये कदम रक्षोपाय नहीं हैं। इसलिए इन उपायों के संबंध में सुरक्षा समझौते के तहत रियायतों या अन्य दायित्वों को निलंबित करने के भारत के प्रस्ताव का कोई आधार नहीं है।’’

डब्ल्यूटीओ का कोई भी सदस्य देश घरेलू उद्योग को किसी भी ऐसे उत्पाद के आयात में वृद्धि से बचाने के लिए, जो उद्योग को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा हो या पहुंचा सकता हो, डब्ल्यूटीओ के सुरक्षा समझौते के तहत रक्षोपाय कर सकता है। इसके तहत किसी उत्पाद के आयात को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित या सीमित किया जा सकता है।

रक्षोपाय लागू करने से पहले किसी सदस्य देश को जांच करनी होती है और अन्य सदस्यों को इस बारे में बताना होता है।

अमेरिका ने कहा कि तांबे के उत्पादों पर शुल्क धारा 232 के अनुसार लगाए गए हैं, जिसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान की आशंका के मद्देनजर ये कदम उठाए।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments