नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को उत्तर-पूर्वी राज्यों के हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए वस्त्र मंत्रालय और आठों उत्तर-पूर्वी राज्यों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता बतायी।
सिंधिया ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने पर एक उच्च-स्तरीय कार्य बल की बैठक को संबोधित करते हुए इस दिशा में राज्य-स्तरीय कार्य समूहों के माध्यम से साझा प्रायोगिक परियोजनाएं शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वस्त्र मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘एक चरणबद्ध योजना प्रस्तावित की गई है, जिसमें एक साल, तीन साल और पांच साल की योजनाएं बनाईं जाएंगी। शुरुआत में, सभी आठ राज्यों के लिए मिलकर कम से कम एक प्रमुख हथकरघा और एक हस्तशिल्प उत्पाद की पहचान पर ध्यान दिया जाएगा। बाद के चरण में, हर राज्य के विशिष्ट उत्पादों को उजागर किया जाएगा। इससे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।’
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो की अध्यक्षता में हुई इस ऑनलाइन बैठक को संबोधित करते हुए, सिंधिया ने कहा, ‘इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के विकास के लिए हमें समग्र सरकारी दृष्टिकोण अपनाना होगा। वस्त्र मंत्रालय को राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य समूह बनाना चाहिए, पूर्वोत्तर के कारीगरों तक बाजार पहुंचाना चाहिए, हर राज्य के लिए विशेष योजनाएं तैयार करनी चाहिए और जमीनी स्तर पर क्षमता बढ़ानी चाहिए।’
भाषा योगेश रमण
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