नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) को भरोसा है कि चालू वित्त वर्ष में 12,000 किलोमीटर के राजमार्ग निर्माण का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
मंत्रालय की सचिव अलका उपाध्याय ने रविवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गति तेज हो गई है।
उपाध्याय ने आगे कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दूसरे चरण में अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) के जरिये लगभग 2,850 करोड़ रुपये पहले ही हासिल कर लिए हैं और तीसरा चरण उन्नत स्थिति में है, जिसके तहत चालू वित्त वर्ष के अंत तक लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने एक साक्षात्कार में पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मानसून के लंबा चलने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की गति धीमी हुई। हालांकि, निर्माण की गति बढ़ी है और हमें यकीन है कि मार्च, 2023 तक दिए गए लक्ष्यों को पूरा कर लिया जाएगा।’’
मंत्रालय ने नवंबर, 2022-23 तक 4,766 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है, जबकि नवंबर, 2021-22 तक यह आंकड़ा 5,118 किलोमीटर था।
मंत्रालय ने 2019-20 में 10,237 किलोमीटर, 2020-21 में 13,327 किलोमीटर और 2021-22 में 10,457 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया है।
उपाध्याय ने कहा कि 2023 में एनएचएआई नयी परियोजनाओं का ठेका देने और पहले से चल रही परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर देगा।
उन्होंने कहा, ‘‘एनएचएआई इस साल 23,000 करोड़ रुपये के परिसंपत्ति मौद्रीकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए टोल – परिचालन – हस्तांतरण (टीओटी) मॉडल और इनविट सहित विभिन्न तरीकों से परिसंपत्तियों को बाजार में चढ़ाएगा।’’ यह पूछने पर कि क्या मंत्रालय सड़क क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन का पूरा इस्तेमाल कर पाएगा, उपाध्याय ने कहा कि सरकार ने निवेश की गति बढ़ा दी है और सड़क क्षेत्र को आवंटित पूरे धन का उपयोग किया जाएगा।
भाषा पाण्डेय अजय
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