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Thursday, 26 March, 2026
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सीआईआई ने बजट में समयबद्ध विवाद समाधान, टीडीएस को युक्तिसंगत बनाने का सुझाव दिया

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नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) उद्योग मंडल सीआईआई ने आगामी आम बजट में 100 करोड़ रुपये से अधिक के सभी उच्च-मांग वाले कर मामलों को एक साल के भीतर निपटाने के लिए तेज कार्रवाई करने और टीडीएस व्यवस्था को युक्तिसंगत बनाने का सुझाव दिया है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव से मुलाकात की और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के लिए सुझावों का विवरण देते हुए एक बजट-पूर्व ज्ञापन दिया।

इन प्रस्तावों का मकसद भारत के राजकोषीय लाभ को एकीकृत करना, मुकदमेबाजी को कम करना और देश के कर ढांचे को ‘विकसित भारत 2047’ विजन के तहत एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की महत्वाकांक्षा के साथ जोड़ना है।

उद्योग निकाय ने कहा कि जीएसटी 2.0 की सफलता, राजस्व में वृद्धि और राजकोषीय मजबूती की राह की विश्वसनीयता ने यह साबित किया है कि विवेकपूर्ण राजकोषीय नीति और प्रगति एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।

सीआईआई ने 2028 तक कागज-मुक्त सीमा शुल्क की दिशा में एक चरणबद्ध मसौदा भी पेश किया, जिसमें ई-रिफंड, ई-निर्णय और ई-अपील शामिल हैं।

उद्योग निकाय ने भारत के शुल्क ढांचे को निरंतर युक्तिसंगत बनाने पर भी जोर दिया।

भाषा पाण्डेय प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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