चेन्नई, 16 सितंबर (भाषा) मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से केंद्र सरकार की आपूर्ति योजना के अनुसार तमिलनाडु को उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ अतिरिक्त आवंटन का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में स्टालिन ने कहा कि उर्वरक विनिर्माताओं ने भारत सरकार की आपूर्ति योजना के अनुसार इस वर्ष अप्रैल से अगस्त तक यूरिया, डीएपी, एमओपी और मिश्रित उर्वरकों की आवश्यक मात्रा की आपूर्ति नहीं की है।
मुख्यमंत्री ने कम आपूर्ति का विवरण देते हुए कहा कि उनकी आपूर्ति आवंटन का केवल लगभग 57 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा, ‘‘अतः, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दें कि उर्वरक विनिर्माता तमिलनाडु को 27,823 टन यूरिया, 15,831 टन डीएपी, 12,422 टन एमओपी और 98,623 टन एनपीके कॉम्प्लेक्स की कमी की पूर्ति तुरंत करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि उत्पादन की संभावनाएँ उज्ज्वल हैं, इसलिए खरीफ 2025 और आगामी रबी 2025 की मांग को पूरा करने के लिए, मैं केंद्र सरकार से सितंबर, 2025 के महीने के लिए तमिलनाडु को 40,000 टन यूरिया, 20,000 टन डीएपी, 20,000 टन एमओपी और 40,000 टन एनपीके कॉम्प्लेक्स अतिरिक्त रूप से आवंटित करने का भी अनुरोध करता हूं।’’
मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु में खरीफ और आगामी रबी मौसमों के दौरान कमी से बचने के लिए तत्काल आपूर्ति और अतिरिक्त मात्रा के आवंटन का आग्रह किया।
मानसून के जल्दी आने के कारण, इस खरीफ मौसम के दौरान तमिलनाडु में जून, 2025 से धान की खेती जोरों पर है।
तमिलनाडु देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में से एक है और राज्य सरकार ने कहा कि वह कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
राज्य सरकार ने कहा कि वह किसानों को अधिकतम उत्पादकता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु लक्षित, क्षेत्र-विशिष्ट योजनाओं को लागू कर रही है, साथ ही कच्चे माल की समय पर उपलब्धता की बारीकी से निगरानी भी कर रही है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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