नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह पन्ना-मुक्ता और ताप्ती तेल एवं गैस क्षेत्रों के विकास से जुड़े विवाद के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और एक अन्य कंपनी से 3.8 अरब डॉलर वसूलने की केंद्र सरकार की अपील पर सुनवाई करेगा।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने कहा कि केंद्र की अपील पर रिलायंस इंडस्ट्रीज और मेसर्स बी.जी. एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन इंडिया लिमिटेड द्वारा उठाई गई प्रारंभिक आपत्ति में ‘कोई दम नहीं’ है।
अदालत ने आदेश दिया, ‘‘आपत्ति को खारिज किया जाता है। चूंकि अब अपील पर तथ्यों के आधार पर सुनवाई होनी है, इसलिए माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशों के अधीन इसे 17 फरवरी, 2026 को संबंधित रोस्टर पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।’’
पीठ ने स्पष्ट किया कि एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र की याचिका का फैसला अब योग्यता के आधार पर किया जाना चाहिए। इससे पहले एकल न्यायाधीश ने केंद्र की याचिका को खारिज कर दिया था।
भाषा अजय पाण्डेय
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