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Friday, 13 March, 2026
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केंद्र और राजस्थान ने कौशल उपायों के माध्यम से रोजगार क्षमता बढ़ाने की कार्ययोजना पर की चर्चा

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नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) केंद्र और राजस्थान सरकार ने राज्य में कौशल विकास उपायों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। दोनों पक्ष लंबित मंजूरियों में तेजी लाने, निगरानी ढांचे को मजबूत करने और उद्योगों के साथ जुड़ाव गहरा करने पर सहमत हुए हैं।

शुक्रवार को आयोजित एक समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने की। बैठक में राजस्थान के उद्योग एवं वाणिज्य और कौशल व रोजगार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर भी उपस्थित थे।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रमुख कार्यक्रमों में केंद्र और राज्य के बीच सहयोग को और मजबूत करना था।

मंत्रालय ने कहा, ‘बैठक के समापन पर दोनों सरकारें लंबित मंजूरियों को प्राथमिकता देने, संचालन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ‘प्लेसमेंट’-आधारित परिणामों को बेहतर बनाने के लिए उद्योग जगत की भागीदारी बढ़ाने पर सहमत हुईं।’

विचार-विमर्श के दौरान भविष्य के लिए तैयार, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

बैठक में राजस्थान में दो ‘कौशल भारत अंतरराष्ट्रीय केंद्र(एसआईआईसी) स्थापित करने और ‘पीएम-सेतु’ (पीएम-सेतु) योजना के कार्यान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।

राजस्थान ने भरतपुर, भिवाड़ी, जयपुर, बालोतरा, कोटा, बीकानेर, जोधपुर और बांसवाड़ा सहित विभिन्न जिलों में प्रमुख आईटीआई समूहों की पहचान की है। यहां ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत क्षेत्रीय औद्योगिक मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भाषा सुमित रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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