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Monday, 20 April, 2026
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आरबीआई के पीसीए फ्रेमवर्क के तहत पाबंदियों से जल्द मुक्त हो सकता है सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया

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नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) फ्रेमवर्क के तहत आए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को वित्तीय स्थिति में सुधार के बाद पाबंदियों से जल्द मुक्ति मिल सकती है।

सूत्रों ने बताया कि बैंक ने आरबीआई को प्रस्तुतिकरण दिया है जिसमें बताया गया है कि बीती पांच तिमाहियों में उसके वित्तीय मानदंडों में निरंतर सुधार आया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई बैंक के अनुरोध पर गौर कर रहा है और जल्द ही इस बारे में राय बना सकता है।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक का शुद्ध मुनाफा 14.2 फीसदी बढ़कर 234.78 करोड़ रुपये रहा है जो एक साल पहले जून तिमाही में 205.58 करोड़ रुपये था।

समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) गिरकर सकल अग्रिम का 14.9 फीसदी रह गईं जो पिछले वर्ष समान तिमाही में 15.92 फीसदी थीं। शुद्ध एनपीए भी पिछले वर्ष जून तिमाही के 5.09 फीसदी से घटकर इस जून तिमाही में 3.93 फीसदी रह गया।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को शुद्ध एनपीए बहुत अधिक होने और परिसंपत्तियों पर कम रिर्टन मिलने की वजह से जून 2017 में पीसीए फ्रेमवर्क के तहत रखा गया था। किसी भी बैंक को पीसीए के तहत चुनिंदा नियामक आवश्यकताओं का उल्लंघन होने पर लाया जाता है।

इंडियन ओवरसीज बैंक और यूको बैंक को पीसीए फ्रेमवर्क से सितंबर 2021 में हटाया गया था।

भाषा मानसी पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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