नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने रक्षा खरीद निविदा में साठगांठ कर बोली लगाने का दोषी पाए जाने के बाद लुधियाना स्थित दो कंपनियों को प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों को बंद करने और उनसे दूर रहने का निर्देश दिया है।
यह कार्यवाही आयुध सेवा महानिदेशालय की आयुध शाखा के मास्टर जनरल के सीपी सेल द्वारा अधिनियम की धारा 19(1)(बी) के तहत दायर एक अपील के बाद की गई।
इसमें आरोप लगाया गया था कि लुधियाना स्थित कंपनियों केकेके मिल्स और संकेश्वर सिंथेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने एक समझौते किया है जिसके परिणामस्वरूप ऊनी ‘अंडरपैंट’ की खरीद के लिए निविदा में मिलीभगत से बोली लगाई गई।
सोमवार को जारी बयान के अनुसार, ‘‘ मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने पाया कि समान कीमतों का उद्धरण, वित्तीय/वाणिज्यिक बोलियां प्रस्तुत करने का समय और समान पूर्व आचरण से मिलीभगत साबित होती है जो अधिनियम की धारा 3(1) के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 3(3)(डी) का उल्लंघन करती है।’’
केकेके मिल्स एक साझेदारी कंपनी है जबकि संकेश्वर सिंथेटिक्स एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने कहा कि केकेके मिल्स के साझेदार और संकेश्वर सिंथेटिक्स के निदेशक भी अधिनियम की धारा 48 के तहत उत्तरदायी हैं।
निष्पक्ष व्यापार नियामक सीसीआई ने दो जनवरी 2026 को प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 27 के तहत आदेश पारित किया और दोनों कंपनियों को प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण बंद करने का निर्देश दिया।
भाषा निहारिका रमण
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