नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने कहा कि केंद्रीय बजट कौशल विकास पर जोर देते हुए ‘निरंतर, तेज और समावेशी वृद्धि’ की दिशा प्रदान करता है।
विरमानी ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में कौशल विकास और सेवा क्षेत्र देश की तस्वीर बदल देंगे क्योंकि इनमें रोजगार पैदा करने की अपार क्षमता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को 2026-27 के लिए 53.5 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट पेश किया था। इसमें विनिर्माण को बढ़ावा देने के उपाय, वैश्विक डेटा केंद्रों के लिए दीर्घकालिक कर प्रोत्साहन और कृषि व पर्यटन के लिए समर्थन की घोषणा की गई थी। इस बजट को वैश्विक जोखिमों के बीच विकास को बनाए रखने के लिए एक दीर्घकालिक रूपरेखा के रूप में देखा जा रहा है।
प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए विरमानी ने कहा, ‘मेरे नजरिए से इसकी एक सरल परिभाषा है। हमें निरंतर, तेज और समावेशी वृद्धि की आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा कि बजट निरंतरता के साथ इसी दिशा को प्रशस्त करता है।
‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि कौशल विकास पर काफी जोर दिया गया है, जिससे मध्यम अवधि में विशेष रूप से मध्यम वर्ग को मदद मिलेगी।
भाषा सुमित पाण्डेय
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