नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) समूचे देश में बढ़ती ऊर्जा मांग की पूर्ति करने के लिए क्षमता विस्तार की अपनी रणनीति के तहत आंध्र प्रदेश में रामायपट्टनम बंदरगाह के पास एक नई तेल रिफाइनरी सह पेट्रोरसायन परिसर स्थापित करने की संभावना तलाश रही है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी वर्तमान में इस परियोजना की व्यवहार्यता का आकलन कर रही है, जो देश में इसके रिफाइनिंग बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
बीपीसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना ने सोमवार को कंपनी की वार्षिक शेयरधारक बैठक में कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। इसमें 2030 तक प्रतिदिन 10 लाख बैरल तेल की मांग बढ़ने का अनुमान है जो दुनिया में सबसे अधिक है।
वैश्विक तेल मांग में 2030 तक 25 लाख बैरल प्रतिदिन की वृद्धि होने का अनुमान है। भारत वर्तमान में प्रतिदिन 55 लाख बैरल तेल की खपत करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ भारत की मजबूत विकास क्षमता को देखते हुए बीपीसीएल आंध्र प्रदेश में रामायपट्टनम बंदरगाह के पास एक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर स्थापित करने पर विचार कर रही है। परियोजना-पूर्व गतिविधियां जारी हैं।’’
खन्ना ने हालांकि वित्तीय विवरण या नियोजित क्षमता की जानकारी नहीं दी। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने पहले कहा था कि 90 लाख टन सालाना क्षमता वाली इस इकाई की लागत करीब 95,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
भाषा निहारिका अजय
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