विशाखापत्तनम, 14 नवंबर (भाषा) जीएमआर समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन जी. एम. राव ने शुक्रवार को कहा कि भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में दुनिया की सबसे बड़ी रखरखाव एवं मरम्मत इकाई स्थापित की जाएगी।
जीएमआर समूह इस परियोजना का विकास कर रहा है।
यहां दो दिवसीय ‘सीआईआई साझेदारी शिखर सम्मेलन 2025’ के 30वें संस्करण को संबोधित करते हुए राव ने कहा कि हवाई अड्डा निर्धारित समय से छह महीने पहले जून 2026 तक तैयार हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री (चंद्रबाबू नायडू) के दृष्टिकोण के अनुरूप हम 500 एकड़ भूमि पर एक एकीकृत विमानन परिवेश भी विकसित कर रहे हैं। यह पार्क वैश्विक विमानन एवं रक्षा विनिर्माताओं को आकर्षित करेगा और दुनिया की सबसे बड़ी रखरखाव एवं मरम्मत इकाई का निर्माण करेगा। साथ ही एक संपूर्ण विमानन परिवेश का निर्माण करेगा।’’
जीएमआर समूह के संस्थापक ने कहा कि आगामी हवाई अड्डा अन्य के अलावा रखरखाव एवं मरम्मत, अनुसंधान एवं विकास इकाइयों, प्रशिक्षण तथा आपूर्तिकर्ताओं को भी आकर्षित करेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को सशक्त बनाया जा सकेगा और उनके लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड (जीएएल) की अनुषंगी कंपनी जीएमआर विशाखापत्तनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीवीआईएएल)..सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आंध्र प्रदेश के भोगापुरम (विजयनगरम) में एक नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना रही है। शुरुआत में इसे सालाना 60 लाख यात्रियों की आवाजाही संभालने के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।
भाषा निहारिका रमण
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