मुंबई, सात अक्टूबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि बिल भुगतान प्रणाली ‘भारत कनेक्ट’ को विदेशी मुद्रा खुदरा मंच ‘एफएक्स-रिटेल’ से जोड़ दिया गया है।
इससे ग्राहकों को अमेरिकी डॉलर खरीदने की सुविधा मिलेगी जिसे वे नकद नोट, फॉरेक्स कार्ड में लोड करने या विदेश में पैसे भेजने के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। यह सभी लेनदेन प्रतिस्पर्धी दरों पर होंगे।
आरबीआई ने एक बयान में कहा कि इस संबद्धता के जरिये ग्राहक अपने पसंदीदा बैंकिंग या भुगतान ऐप से एफएक्स-रिटेल मंच तक डिजिटल पहुंच बना सकेंगे।
फिलहाल एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक इस लिंक से जुड़े हुए हैं। ग्राहक वास्तविक समय में ‘सबसे अच्छा भाव’ देख सकते हैं और अमेरिकी डॉलर की डिजिटल खरीद कर सकते हैं।
एफएक्स-रिटेल मंच के गठन का उद्देश्य विदेशी मुद्रा की कीमतों में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाना है। इसका संचालन क्लियरकॉर्प डीलिंग सिस्टम्स (इंडिया) करती है जो भारतीय समाशोधन निगम लिमिटेड (सीसीआईएल) के पूर्ण-स्वामित्व वाली अनुषंगी है।
आरबीआई ने कहा कि इस पायलट परियोजना को धीरे-धीरे और अधिक बैंकों, उपयोगकर्ताओं और लेन-देन प्रकारों तक बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने संयुक्त खातों के लिए यूपीआई मल्टी-सिग्नेटरी और यूपीआई लाइट के जरिये वियरेबल ग्लासेज से ‘हैंड फ्री’ कम मूल्य वाले लेनदेन सेवा की भी शुरुआत की।
यूपीआई मल्टी-सिग्नेटरी सुविधा के तहत संयुक्त खातों या मल्टी-सिग्नेचर वाले खातों से कई स्वीकृतियों के बाद भुगतान किया जा सकेगा।
वहीं, वियरेबल ग्लास के जरिये छोटे लेन-देन सुरक्षित और बिना फोन के, क्यूआर स्कैन और आवाज के जरिये सत्यापन से संभव होंगे।
एनपीसीआई ने कहा कि यह पहला मौका है जब यूपीआई को वियरेबल परिवेश में अपनाया गया है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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