scorecardresearch
Sunday, 22 March, 2026
होमदेशअर्थजगततेजी से चेक ‘क्लियर’ करने की व्यवस्था में बैंकों को हो रही समस्या: कर्मचारी संगठन

तेजी से चेक ‘क्लियर’ करने की व्यवस्था में बैंकों को हो रही समस्या: कर्मचारी संगठन

Text Size:

मुंबई, 14 अक्टूबर (भाषा) बैंक कर्मचारियों के एक संगठन ने मंगलवार को दावा किया कि चार अक्टूबर से शुरू की गई तेजी से चेक ‘क्लियर’ करने की व्यवस्था ‘बड़ी चुनौतियों’ का कारण बन रही है।

इस नई व्यवस्था के तहत चेक जमा के दिन ही पैसा संबंधित व्यक्ति के खाते में आ जाता है।

महाराष्ट्र स्टेट बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ने मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​को लिखे पत्र में कहा कि सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं और कर्मचारियों के पर्याप्त प्रशिक्षण की कमी के कारण काम के घंटे बढ़ रहे हैं और ग्राहक सेवा प्रभावित हो रही है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने भी इन समस्याओं को स्वीकार करते हुए कहा कि इसमें कुछ ‘शुरुआती समस्याएं’ हैं। एनपीसीआई को ही चेक का उसी दिन समाशोधन सुनिश्चित करने वाली तस्वीर-आधारित प्रणाली चलाने का काम सौंपा गया है।

केंद्रीय बैंक ने चार अक्टूबर से नई प्रणाली शुरू की है। यह नई व्यवस्था ‘बैच’ में प्रसंस्करण की प्रणाली की जगह ली है। इसके तहत चेक क्लियर होने में दो दिन तक का समय लगता था। नई प्रणाली के तहत, बैंकों को जमा किए गए चेक की स्कैन की हुई तस्वीर समाशोधन निगम को भेजने के लिए कहा जाता है। वह उस तस्वीर को अदाकर्ता बैंक को भेज देता है ताकि राशि निर्धारित खाते में तुरंत जमा हो सके।

कर्मचारी संगठन ने आरबीआई की पहल की सराहना करते हुए कुछ चिंताएं जतायी हैं।

उसने पत्र में लिखा, ‘‘ऐसा जान पड़ता है कि नई प्रणाली को पर्याप्त परिचालन तैयारियों के बिना लागू किया गया है। इससे बैंक कर्मचारियों को ‘बड़ी चुनौतियों’ का सामना करना पड़ रहा है।’’

पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं और अपर्याप्त प्रशिक्षण से जूझना पड़ रहा है, जिसके कारण काम के घंटे बढ़ रहे हैं और छुट्टी के दिन भी काम करना पड़ रहा है।

कर्मचारी संगठन के अनुसार, ‘‘इससे ग्राहक सेवा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है…।’’

पत्र में कहा गया है कि बैंकों को लेन-देन के मिलान में दिक्कतें आ रही है और वित्तीय नुकसान का खतरा है।

उन्होंने लिखा, ‘‘दिवाली के दौरान नई प्रणाली को लागू करने से प्रणाली और कर्मचारियों पर दबाव पड़ रहा है।’’

कर्मचारी संगठन ने प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए आरबीआई से हस्तक्षेप का आग्रह किया और त्योहारों की समाप्ति तक उसी दिन चेक समाशोधन को स्थगित करने पर विचार करने का अनुरोध किया।

एनपीसीआई ने एक बयान में कहा कि चार अक्टूबर से केंद्रीय प्रणाली के माध्यम से 8,49,557 करोड़ रुपये मूल्य के 1.49 करोड़ चेक का प्रसंस्करण और समाशोधन किया गया है, फिर भी कुछ समस्याएं हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘शुरुआती दिनों में हमें एनपीसीआई द्वारा संचालित केंद्रीय प्रणाली और सहभागी बैंकों, दोनों में कुछ शुरुआती समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप समाशोधन और ग्राहकों के खातों में जमा होने में देरी हुई और बड़ी संख्या में चेक वापस आए।’’

हालांकि, एनपीसीआई ने कहा कि अधिकांश समस्याओं का समाधान हो गया है और सोमवार से केंद्रीय प्रणाली बेहतर है। निगम अन्य समस्याओं के समाधान के लिए बैंकों के साथ काम कर रहा है।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments