नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) अवादा समूह ने गुजरात में सौर, पवन और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) परियोजनाओं में 36,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
कंपनी की ओर से बृहस्पतिवार को जारी बयान के अनुसार, सभी परियोजनाओं के 2027 और 2030 के बीच शुरू होने की उम्मीद है।
इसमें कहा गया कि इस संबंध में स्वच्छ ऊर्जा समूह अवादा समूह ने ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2025’ में गुजरात सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता ज्ञापन भारत में हरित ऊर्जा बदलाव को आगे बढ़ाने तथा स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा का केंद्र बनने के गुजरात के दृष्टिकोण का समर्थन करने की कंपनी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
समझौते के तहत, अवादा समूह गुजरात के कच्छ, बनासकांठा और सुरेन्द्रनगर जिलों में पांच गीगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं, एक गीगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और पांच गीगावाट घंटे क्षमता की बीईएसएस परियोजनाएं स्थापित करेगा।
इन परियोजनाओं से राज्य में 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 2,000 से अधिक अप्रत्यक्ष हरित रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इसके अलावा इन परियोजनाओं से निर्माण चरण के दौरान लगभग 5,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
अवादा समूह के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा, ‘‘ हमारी सौर ऊर्जा यात्रा गुजरात में भारत के पहले बड़े पैमाने पर, जमीन पर स्थापित 15 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र के साथ शुरू हुई। इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के साथ हमें सतत विकास की दिशा में गुजरात सरकार के साथ साझेदारी करने पर गर्व है।’’
समूह के कारोबार में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, सौर पीवी विनिर्माण, हरित हाइड्रोजन एवं उससे बने उत्पाद, हरित डेटा केंद्र, बैटरी भंडारण और पंपयुक्त जलविद्युत परियोजनाएं शामिल हैं।
भाषा निहारिका अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
