नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) ऐसा समझा जाता है कि वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों ने बजट तैयारियों के सिलसिले में आयोजित बैठक में जीएसटी 2.0 व्यवस्था से उत्पन्न 2,500 करोड़ रुपये के क्षतिपूर्ति उपकर क्रेडिट का मुद्दा सरकार के समक्ष उठाया। सूत्रों ने यह कहा है।
मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) सहित वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी बैठक में इस मुद्दे को उठाया और डीलरों की वास्तविक चिंताओं का हवाला देते हुए मामले के समाधान का आग्रह किया।
नए जीएसटी मानदंड लागू होने के साथ संचित क्षतिपूर्ति उपकर 22 सितंबर को समाप्त हो गया।
इस वर्ष अक्टूबर में, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने 2,500 करोड़ रुपये के क्षतिपूर्ति उपकर क्रेडिट पर राहत की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
फाडा ने तब कहा था कि न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना ‘सुधार के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्षता और विश्वास के लिए है।’ इसका कारण हजारों एमएसएमई वाहन डीलरों को नुकसान हो रहा था और ‘कर-भुगतान किए गए 2,500 करोड़ रुपये के वास्तविक क्षतिपूर्ति उपकर क्रेडिट अब समाप्त होने का जोखिम है।’’
डीलरों की चिंता उनके खातों में रखे बची हुई अप्रयुक्त क्षतिपूर्ति उपकर राशि को लेकर थी, जिसे संशोधित जीएसटी ढांचे के तहत आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उद्योग संगठन ने पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से क्षतिपूर्ति उपकर के मुद्दे को सुलझाने में मदद की अपील की थी।
क्षतिपूर्ति उपकर मुद्दे के अलावा, वाहन उद्योग ने बैठक में सरकारी अधिकारियों के साथ व्यापार करने में आसानी और जीएसटी पोर्टल पर आने वाली समस्याओं से संबंधित मामलों को भी उठाया।
भाषा रमण अजय
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