नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) ऑटो उद्योग निकायों ने शुक्रवार को बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों और नये व्यापार समझौतों के बीच दुर्लभ पृथ्वी चुम्बकों जैसे महत्वपूर्ण कच्चे माल और प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा के लिए सरकार के साथ घनिष्ठ सहयोग की जरूरत पर बल दिया।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) की अध्यक्ष श्रद्धा सूरी मारवाह ने कहा कि उद्योग ने चुनौतियों को अवसरों में बदलने और एक भरोसेमंद तथा प्रतिस्पर्धी वैश्विक केंद्र बनने का संकल्प लिया है।
एसीएमए के वार्षिक सत्र में उन्होंने कहा, ”महत्वपूर्ण कच्चे माल, दुर्लभ पृथ्वी चुम्बकों, सेमीकंडक्टर और बैटरी बनाने के सामान की उपलब्धता एक रणनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।”
मारवाह ने आगे कहा, ”हम एक ऐसे चौराहे पर खड़े हैं, जहां अपार अवसर हैं, लेकिन चुनौतियां भी हैं, जिनका जिक्र करना मुश्किल है। इनमें से कुछ हैं भू-राजनीतिक अस्थिरता, व्यापार युद्ध, शुल्क में वृद्धि, निर्यात प्रतिबंध। ये सभी आपूर्ति श्रृंखला को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि महत्वपूर्ण कच्चे माल को सुरक्षित करने के लिए उद्योग और सरकारों के बीच घनिष्ठ साझेदारी की जरूरत है।
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं को लागत कुशलता से आगे बढ़कर चुस्त, विविध और व्यवधानों का सामना करने में सक्षम बनना होगा।
उन्होंने कहा कि इसका मतलब है संसाधन संपन्न देशों के साथ साझेदारी करके वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाने पर सक्रिय रूप से काम करना होगा।
भाषा पाण्डेय
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