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Saturday, 7 March, 2026
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लेखापरीक्षा समितियों को लेखा परीक्षकों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की जरूरत: एनएफआरए चेयरपर्सन

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नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) एनएफआरए के चेयरपर्सन नितिन गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि कंपनियों की लेखापरीक्षा समितियों को लेखा परीक्षकों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने सुदृढ़ वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए विभिन्न मूलभूत सिद्धांतों का उल्लेख किया जिसमें बाह्य लेखा परीक्षकों की प्रमुख भूमिका भी शामिल है।

राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) सुदृढ़ वित्तीय रिपोर्टिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रहा है। साथ ही लेखापरीक्षा में खामियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहा है।

गुप्ता ने कंपनी के प्रबंधन, लेखा परीक्षा समिति, स्वतंत्र निदेशकों एवं लेखा परीक्षकों के बीच प्रभावी संचार के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि लेखा परीक्षा समितियों को लेखा परीक्षकों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए।

गुप्ता ने कहा कि कंपनियों में व्यापक एवं प्रभावी आंतरिक नियंत्रण होना चाहिए। जब तक आंतरिक नियंत्रण मजबूत नहीं होंगे, तब तक ‘‘ जो हमारे सामने पेश किया जाता है वह वित्तीय स्थिति का सही वर्णन नहीं हो सकता।’’

उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है जब विभिन्न कंपनियों में लेखापरीक्षा में चूक के मामले सामने आए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में उद्योग मंडल फिक्की द्वारा ‘चुस्त प्रशासन: पारदर्शिता को बढ़ावा देना एवं विश्वास का निर्माण’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में उन्होंने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि भारतीय लेखा परीक्षकों को लेखा परीक्षा के दृष्टिकोण में क्रांतिकारी बदलाव की आवश्यकता है और उन्हें अन्य पहलुओं के अलावा जोखिम आधारित दृष्टिकोण एवं प्रौद्योगिकी के उपयोग को अपनाना चाहिए।

कॉर्पोरेट कामकाज से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए गुप्ता ने कहा कि क्या वार्षिक रिपोर्ट की विषय-वस्तु को केवल लेखा परीक्षा समिति के संदर्भ की शर्तों को दोहराने के बजाय अधिक पारदर्शी एवं व्यापक बनाया जा सकता है।

एनएफआरए के चेयरपर्सन ने संबंधित पक्ष लेनदेन के बारे में भी बात की।

उन्होंने कहा कि लेखा परीक्षकों के सामने यह चुनौती होती है कि वे पहचानें कि संबंधित पक्ष कौन है और प्रबंधन द्वारा किस हद तक खुलासे किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह देखते हुए कि भारत बचतकर्ताओं के बजाय निवेशकों का देश बनता जा रहा है…उच्च-गुणवत्ता वाली वित्तीय रिपोर्टिंग एवं कॉर्पोरेट कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देना, विश्वास निर्माण के प्रमुख क्षेत्र हैं।

अपना संबोधन शुरू करने से पहले गुप्ता ने कहा कि वह अपने निजी विचार व्यक्त कर रहे हैं, जरूरी नहीं कि वे एनएफआरए के विचार भी हों।

एनएफआरए का गठन अक्टूबर 2018 में कंपनी कानून के तहत किया गया था।

भाषा निहारिका रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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