नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह बृहस्पतिवार को ‘भारत टैक्सी’, देश के पहले सहकारिता आधारित कैब सेवा मंच का दो महीने के सफल प्रायोगिक परीक्षण के बाद शुभारंभ करेंगे। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
इस सेवा का लक्ष्य दो साल के भीतर सभी राज्यों और शहरों में विस्तार करना है।
मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज़ एक्ट, 2002 के तहत पंजीकृत और छह जून, 2025 को स्थापित, भारत टैक्सी शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर काम करती है, जिसमें ड्राइवरों को सीधे मुनाफ़ा बांटा जाता है।
आठ शीर्ष सहकारी संगठनों द्वारा समर्थित, इस मंच ने दो दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में पायलट परिचालन शुरू किया, जिससे ओला, उबर और रैपिडो जैसे स्थापित खिलाड़ियों को चुनौती मिली।
मंत्रालय का दावा है कि यह दुनिया का पहला और सबसे बड़ा सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा मंच और दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला परिवहन मंच बन गया है।
तीन लाख से ज़्यादा ड्राइवर इस मंच से जुड़े हैं, एक लाख से ज़्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया है, और दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में रोज़ाना 10,000 से ज़्यादा राइड पूरी हो रही हैं।
अब तक ड्राइवरों को सीधे लगभग 10 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। यह मंच ड्राइवरों – जिन्हें ‘सारथी’ कहा जाता है – के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और एक समर्पित सहायता प्रणाली के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
दिल्ली में सात जगहों पर सहायता केंद्र काम कर रहे हैं।
यह मंच आपातकालीन सहायता, सत्यापित आंकड़े प्रदान करता है और ड्राइवरों को बिना किसी विशिष्ट प्रावधान के अन्य मंच पर काम करने की अनुमति देता है। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए, भारत टैक्सी ने ‘बाइक दीदी’ पेश किया है, जिसके तहत 150 से ज़्यादा महिला चालक इस मंच से जुड़ी हैं।
भाषा राजेश राजेश अजय
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