मुंबई, सात अक्टूबर (भाषा) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) जल्द ही उच्च-मूल्य वाले वित्तीय लेनदेन के लिए आधार आधारित चेहरे से प्रमाणीकरण की अनुमति दे सकता है।
यूआईडीएआई के उप महानिदेशक अभिषेक कुमार सिंह ने यहां ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025’ में एक समूह चर्चा के दौरान कहा, ”यूआईडीएआई एक आधारभूत ढांचा है। यह निश्चित रूप से जानने का एकमात्र तरीका है कि कौन, कौन है? हमारे पास दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक डेटाबेस है। हम मूल्यांकन में चेहरे से प्रमाणीकरण के उपयोग की पुरजोर वकालत करते हैं।”
सिंह ने कहा कि एनपीसीआई पहले ही इस विचार पर काम कर रहा है और आने वाले दिनों में इस संबंध में घोषणा करने की उम्मीद है।
उन्होंने अन्य बैंकरों से भी इस तरह की व्यवस्था में शामिल होने का आग्रह किया और कहा कि यह वास्तव में किसी को प्रमाणित करने का सबसे आसान और तेज तरीका है।
भाषा पाण्डेय रमण
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