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Monday, 20 April, 2026
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राष्ट्रीय मानसिकता में सकारात्मक बदलाव देश के एआई नवाचार को आगे बढ़ा रहा है:पेम्मासानी

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नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय मानसिकता में सकारात्मक बदलाव से कृत्रिम मेधा, क्वांटम प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी में प्रगति को बढ़ावा मिल रहा है।

‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025’ में मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नवाचार भारत के लिए नया नहीं है।

मंत्री ने शून्य और शतरंज के आविष्कार जैसे देश के ऐतिहासिक योगदानों का उल्लेख किया और कहा कि नवाचार के लिए इस गहरी निहित प्रतिभा को फिर से जागृत किया गया है और यह भारत को आगे बढ़ाता रहेगा।

पेम्मासानी ने कहा, ‘‘ शायद सबसे गहरा बदलाव मनोवैज्ञानिक रहा है.. मानसिकता में बदलाव। हम रक्षात्मक रुख ‘हम नहीं कर सकते’ से मुखर ‘हम क्यों नहीं कर सकते?’ की ओर बढ़ गए हैं। राष्ट्रीय चेतना में यह बदलाव शायद हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ एक दशक में हमने जो हासिल किया है, वह कोई चमत्कार नहीं है। यह व्यवस्थित तरीके से किया गया है… हर भारतीय के लिए नवाचार को सुलभ, किफायती एवं साध्य बनाना, चाहे वे किसी भी पृष्ठभूमि या देश के किसी भी हिस्से से हो। एआई (कृत्रिम मेधा) क्रांति, क्वांटम कंप्यूटिंग और जैव प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व सफलताएं सामने आ रही हैं।’’

मंत्री ने कहा कि भारत ने नवाचार को एक जन आंदोलन ‘एक राष्ट्रीय एवं सामूहिक मिशन’ में बदल दिया है।

पेम्मासानी ने बदलते राष्ट्रीय दृष्टिकोण की ओर इशारा किया जिसने हर झटके को असफलता नहीं, बल्कि सीखने का अवसर माना है।

उन्होंने इस परिवेश को विकसित करने के लिए सरकारी प्रयासों का विस्तृत विवरण दिया, जिसमें कृषि प्रौद्योगिकी से लेकर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तक विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ भी शामिल है।

मंत्री ने कहा, ‘‘ हमने बीएसएनएल टावर पर स्वदेशी 4जी और 5जी ढांचा विकसित और तैनात किया जिससे साबित होता है कि हम मूल प्रौद्योगिकी का निर्माण कर सकते हैं। हमने भारत की पहली स्वदेशी एमआरआई मशीन पेश की है। जब दुनिया ने कोविड-19 का सामना किया तो हमने किसी का इंतजार नहीं किया, हमने अपना टीका विकसित किया।’’

इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 में 150 से अधिक देशों से 1.5 लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। इस आयोजन में 400 से अधिक प्रदर्शक 5जी, 6जी, कृत्रिम मेधा (एआई), साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन टेक, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्मार्ट मोबिलिटी से जुड़े प्रौद्योगिकी के 1,600 से अधिक इस्तेमाल पर प्रस्तुति देंगे जिनमें 800 एआई-संचालित अनुप्रयोग शामिल हैं।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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