नयी दिल्ली, 26 नवंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने बुधवार को दुर्लभ पृथ्वी चुंबकों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 7,280 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में ‘ठोस दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुंबकों के विनिर्माण की प्रोत्साहन योजना’ को स्वीकृति प्रदान की गई।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि योजना का लक्ष्य 6,000 टन प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता तैयार करना है।
दुर्लभ पृथ्वी चुंबक का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहन, अंतरिक्ष एवं वैमानिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरण और रक्षा उद्योग जैसे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में किया जाता है।
इस प्रोत्साहन योजना के तहत कुल उत्पादन क्षमता को वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से पांच लाभार्थियों को आवंटित किया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 1,200 टन प्रति वर्ष की क्षमता मिलेगी।
इस योजना की अवधि सात वर्ष की होगी। इसमें दो साल का समय दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुंबक (आरईपीएम) के संयंत्र स्थापित करने और अगले पांच वर्ष बिक्री पर प्रोत्साहन देने के लिए निर्धारित किए गए हैं।
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प्रेम अजय
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