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Thursday, 5 March, 2026
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भारतीय वियरेबल बाजार जनवरी-मार्च में 20.1 प्रतिशत बढ़ाः आईडीसी

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नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) कलाई पर पहनने और कानों में सुनने के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पादों (वियरेबल) का भारतीय बाजार साल-दर-साल 20.1 प्रतिशत बढ़कर जनवरी-मार्च तिमाही में 1.39 करोड़ इकाई हो गया।

इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) ने सोमवार को ये आंकड़े जारी करते हुए कहा कि वियरेबल उत्पादों के विकास को नए उत्पादों की पेशकश, बिक्री चैनलों पर दी जा रही छूट और ब्रांडों द्वारा आक्रामक विपणन रणनीति से समर्थन मिल रहा है।

मार्च, 2022 तिमाही में घड़ियों की बिक्री सालाना आधार पर 173 प्रतिशत बढ़कर 37 लाख इकाई रही। रिपोर्ट के मुताबिक, घड़़ियों की कुल बिक्री में बुनियादी घड़ियों का हिस्सा 95.1 प्रतिशत है। प्रवेश स्तर के मूल्य बिंदुओं पर आक्रामक प्रतिस्पर्धा ने बुनियादी घड़ियों को सालाना 202.1 प्रतिशत बढ़ाने में मदद की जबकि स्मार्टवॉच श्रेणी में सालाना 4.2 प्रतिशत की गिरावट आई।’’

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च तिमाही में कुल मिलाकर कलाई पर पहने जाने वाले उत्पाद 87.5 प्रतिशत बढ़े और इनकी कुल 40 लाख इकाइयों की बिक्री हुई।

वहीं ईयरवियर श्रेणी का कुल वियरेबल बाजार में हिस्सा 71.3 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक, वायरलेस स्टीरियो की हिस्सेदारी मार्च, 2021 की तिमाही में 34.2 प्रतिशत से बढ़कर 48.3 प्रतिशत हो गई जो सालाना आधार पर 48.2 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाती है।

आईडीसी इंडिया की वरिष्ठ बाजार विश्लेषक (ग्राहक उत्पाद) अनीशा डुम्बरे ने कहा, ‘‘आक्रामक छूट, नए फीचर और ब्रांड एवं बिक्री चैनल साझेदारों से मिल रहा मजबूत समर्थन उपभोक्ताओं को अपग्रेड करने और पहनने योग्य घड़ियों पर अधिक खर्च करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। जहां वायरलेस स्टीरियो और घड़ियों पर निर्भरता बढ़ रही है वहीं आपूर्ति इस उद्योग के लिए चिंता का मुद्दा बनी हुई है।’’

भाषा प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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