नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) कोयला मंत्रालय ने बोलीदाताओं पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए यह तय किया है कि नीलाम की गई कोयला खदान को खोलने की अनुमति मिलने पर ‘प्रदर्शन बैंक गारंटी’ (पीबीजी) में पहला संशोधन किया जाएगा।
पीबीजी किसी बोलीकर्ता की तरफ से उधार देने वाले संगठन को दी जाने वाली एक तरह की गारंटी होती है।
कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि निविदा दस्तावेज के प्रावधानों के अनुसार सफलतापूर्वक नीलाम की गई प्रत्येक कोयला खदान के लिए पेश किए जाने वाले पीबीजी को साल की शुरुआत में अप्रैल महीने के राष्ट्रीय कोयला सूचकांक (एनसीआई) के आधार पर संशोधित किया जाएगा।
वर्ष 2020 में कोयला खदान की वाणिज्यिक नीलामी शुरू होने के बाद से एनसीआई दोगुना हो गया है लिहाजा पीबीजी संशोधन प्रावधानों में छूट के लिए कोयला उद्योग से मंत्रालय को कई अनुरोध मिले थे।
मंत्रालय के इस कदम से कोयला खदानों के परिचालन के दौरान बोलीदाताओं पर वित्तीय बोझ कम होने की उम्मीद है और वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों की बिक्री में बोली लगाने वालों की भागीदारी भी बढ़ने की संभावना है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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