नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) घरेलू शेयरों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की हिस्सेदारी मार्च तिमाही में इससे पिछली तिमाही के मुकाबले छह प्रतिशत घटकर 612 अरब डॉलर रह गई। मॉर्निंगस्टार की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
यह कमी विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर बिकवाली और भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट के चलते हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च तिमाही के अंत में भारतीय शेयरों में एफपीआई निवेश का मूल्य घटकर 612 अरब डॉलर रह गया, जो इससे पिछली तिमाही में 654 अरब डॉलर था। इस तरह तिमाही आधार पर इसमें लगभग छह प्रतिशत की गिरावट आई।
भारतीय शेयरों में एफपीआई निवेश का मूल्य मार्च, 2021 में 552 अरब डॉलर था।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान भारतीय शेयर बाजार के बाजार पूंजीकरण में एफपीआई का योगदान 18.3 प्रतिशत से घटकर 17.8 प्रतिशत हो गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च तिमाही के दौरान एफपीआई ने 14.59 अरब डॉलर के शेयर बेचे, जबकि इससे पिछली तिमाही में उन्होंने शेयरों में 5.12 अरब डॉलर डाले थे।
भाषा पाण्डेय अजय
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