नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एस कृष्णन ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक को सरकार से और पूंजीगत मदद लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बीते दो साल में सरकार ने बिना ब्याज वाले पुनर्पूंजीकरण बांड के जरिये बैंक में क्रमश: 5,500 करोड़ रुपये और 4,600 करोड़ रुपये डाले हैं।
बैंक में 4,600 करोड़ रुपये डालने के बाद 31 मार्च, 2022 तक पीएंडएसबी में सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 98.25 फीसदी हो गई है।
कृष्णन ने बताया कि सरकार के पूंजीगत समर्थन के बूते मार्च, 2022 में बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 17.06 फीसदी से बढ़कर 18.54 प्रतिशत हो गया। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अनुमानित कर्ज वृद्धि को पूरा करने के लिए अब बैंक के पास पर्याप्त पूंजी है और हो सकता है कि अब सरकार से और मदद की जरूरत न पड़े।
उन्होंने कहा कि जहां तक कर्ज वृद्धि की बात है, तो इसमें चालू वित्त वर्ष में आठ से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बैंक ने अतिरिक्त प्रावधान करके अपने बही-खाते को मजबूत किया है और धोखाधड़ी के सभी मामलों में 100 प्रतिशत प्रावधान किया है।
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