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Saturday, 18 April, 2026
होमदेश‘निर्णय में जिस सामग्री पर भरोसा किया गया, उसका खुलासा करना अर्द्ध न्यायिक प्राधिकार का कर्तव्य’

‘निर्णय में जिस सामग्री पर भरोसा किया गया, उसका खुलासा करना अर्द्ध न्यायिक प्राधिकार का कर्तव्य’

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नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि एक अर्द्ध न्यायिक प्राधिकार का कर्तव्य उस सामग्री का खुलासा करना है, जिसपर निर्णय की प्रक्रिया के दौरान भरोसा किया गया।

न्यायालय ने कहा कि जांच एजेंसियों और न्यायिक संस्थाओं को पारदर्शिता के जरिए जवाबदेह ठहराया जाता है, न कि कार्यवाही में अपारदर्शिता के माध्यम से।

न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि अपारदर्शिता पूर्वाग्रह, पक्षपात और सजा मिलने से छूट की संस्कृति को बढ़ावा देती है। पीठ ने ये सभी चीजें पारदर्शिता के खिलाफ हैं।

पीठ ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (धोखाधड़ी एवं अनुचित कारोबार निषेध) नियमन 2003 यह स्पष्ट करता है कि सेबी जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद नियमों के उल्लंघन के बारे में राय बनाती है और इसलिए जांच रिपोर्ट का खुलासा नोटिस प्राप्त करने वाले व्यक्ति को करना होगा।

भाषा

सुभाष दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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