scorecardresearch
Wednesday, 29 April, 2026
होमदेशपेयजल त्रासदी: अदालत ने जांच आयोग को अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए दो महीने की मोहलत दी

पेयजल त्रासदी: अदालत ने जांच आयोग को अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए दो महीने की मोहलत दी

Text Size:

इंदौर, 22 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के मामले की जांच कर रहे एक आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए बुधवार को करीब दो महीने की मोहलत दी।

उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता की अगुवाई वाला एक सदस्यीय आयोग शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से लोगों की मौत के मामले की जांच कर रहा है।

उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ इस मामले से जुड़ी पांच याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

पीठ ने कहा कि आयोग से उसे 18 अप्रैल एक पत्र प्राप्त हुआ जिसमें अदालत को सूचित किया गया कि आयोग की जारी जांच में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के पहलुओं की विस्तृत छानबीन शामिल है, इसलिए उसे अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए समय चाहिए।

इस अनुरोध पर विचार करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा,‘‘आयोग को इस न्यायालय के सामने अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 14 जून तक का समय दिया जाता है।’’

स्थानीय लोगों और कांग्रेस ने भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप में 36 लोगों की मौत का दावा किया है।

बहरहाल, इस मामले पर चर्चा के दौरान विधानसभा में हंगामे के बीच 19 फरवरी को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा था कि भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण 22 लोगों की मौत हुई है और हर मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। भाषा हर्ष धीरज

धीरज

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments