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Saturday, 14 March, 2026
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देशभर में घरेलू गैस की ‘किल्लत’ से लोग प्रभावित, केंद्र ने घबराहट में ‘बुकिंग’ से बचने की सलाह दी

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(फोटो सहित)

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) रसोई गैस के लिए शुक्रवार को देश के विभिन्न हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई राज्यों में लोग कतारों में लगे रहे, जबकि केंद्र ने बार-बार कहा कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।

कई जगहों से भोजनालयों के बंद होने और एलपीजी की जमाखोरी की भी खबरें आई हैं।

केंद्र सरकार ने कहा है कि घरों के लिए एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और गैस सिलेंडर के लिए घबराहट में बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पांच मार्च से अब तक घरेलू एलपीजी उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि की जा चुकी है। उन्होंने कहा, ”घबराहट में सिलेंडर की बुकिंग की कोई जरूरत नहीं है, और किसी भी एलपीजी डीलर के पास स्टॉक खत्म नहीं हुआ है।”

शर्मा ने बताया कि ईरान युद्ध से पहले औसतन 55.7 लाख बुकिंग के मुकाबले इस समय एलपीजी बुकिंग बढ़कर 75.7 लाख हो गई है, जो स्पष्ट रूप से घबराहट में की जा रही बुकिंग को दर्शाता है।

बिहार में ‘घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं’ होने के प्रशासन के दावों के बावजूद कई जिलों में बड़ी संख्या में लोग बुकिंग और आपूर्ति के लिए गैस एजेंसियों के कार्यालय पहुंचे।

पटना, भागलपुर, रोहतास और कटिहार समेत कई जिलों में एलपीजी वितरण एजेंसियों पर लोगों की भीड़ देखी गई।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को प्रभावित किया है, क्योंकि ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है।

दिल्ली में रसोई गैस की किल्लत ने छोटे व्यापारियों को आर्थिक संकट में डाल दिया।

पीवीआर साकेत के पास एक फास्ट-फूड स्टॉल संचालित करने वाले नरेश चावला ने कहा कि एक ही दुकान से कई श्रमिकों और उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है।

उन्होंने कहा, ‘एक छोटी सी दुकान आठ से दस लोगों की आजीविका का साधन है। मैं तीन से चार ऐसे कर्मचारियों को काम पर रखता हूं जो गांवों से आकर यहां बसे हैं। हममें से कई लोगों ने इन दुकानों को चलाने के लिए कर्ज लिया है। अगर यही स्थिति बनी रही तो 30 प्रतिशत रेहडी पटरी वालों की आजीविका छिन जाएगी।’

शहर भर में आपूर्ति में व्यवधान साफ नजर आ रहा है। आदर्श नगर में विक्की नाम के एक खाद्य विक्रेता ने बताया कि उसने एक छोटे सिलेंडर के लिए लगभग 4,000 रुपये खर्च किए। लागत की भरपाई के लिए उसने अपने व्यंजनों की कीमत 10 रुपये बढ़ा दी, लेकिन उसने कहा कि कई ग्राहक नयी कीमत सुनते ही तुरंत चले गए।

कई विक्रेताओं ने कहा कि वे अब अपने दैनिक घरेलू खर्चों को पूरा करने के लिए बचत का उपयोग कर रहे हैं या ऋण ले रहे हैं।

मध्यप्रदेश में होटल-रेस्तरांओं के एक संगठन ने ग्राहकों को परोसे जाने वाले व्यंजनों की सूची में बदलाव का परामर्श जारी किया है।

मध्यप्रदेश होटल एसोसिएशन ने परामर्श में कहा है कि हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण वाणिज्यिक उपयोग वाली रसोई गैस की आपूर्ति में रुकावट आई है और होटल-रेस्तरांओं में ईंधन बचाकर कारोबार जारी रखने के लिए उपाय किए जाने की जरूरत है।

‘केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन’ के अध्यक्ष जी. जयपाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि शुक्रवार तक राज्य में लगभग 40 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो जाएंगे।

उन्होंने बताया, ‘‘बृहस्पतिवार तक करीब 20 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो चुके थे। शुक्रवार तक यह संख्या बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाएगी क्योंकि एलपीजी का भंडार जल्द खत्म हो जाएगा।’’

कोलकाता के सुपर-स्पेशियलिटी देसुन अस्पताल ने खाना पकाने के लिए गैस की सीमित उपलब्धता से निपटने के लिए अस्थायी रूप से व्यंजन सूची में बदलाव किए हैं।

अस्पताल के अध्यक्ष सजल दत्ता ने कहा, ‘गैस आपूर्ति में जारी व्यवधान ने कई संस्थानों को प्रभावित किया है, जिनमें अस्पताल की रसोई भी शामिल हैं जो मरीजों के लिए भोजन तैयार करने के लिए ईंधन की निरंतर आपूर्ति पर निर्भर करती हैं। देसुन अस्पताल में, हमने अस्थायी रूप से अपने व्यंजन सूची को शाकाहारी और अंडे आधारित व्यंजनों तक सीमित कर दिया है, क्योंकि मांसाहारी व्यंजनों में आमतौर पर अधिक ईंधन और अधिक समय लगता है।’

दक्षिण के काकद्वीप से लेकर उत्तर के सिलीगुड़ी तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोग गैस एजेंसी केंद्रों के बाहर खाली एलपीजी सिलेंडरों के साथ खड़े रहे और उन्होंने दावा किया कि वे ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं।

ओडिशा में एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी के कारण शुक्रवार को कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए तथा सड़कों पर अवरोध की स्थिति रही। यहां उपभोक्ताओं ने भरे हुए एलपीजी सिलेंडर को प्राप्त करने में देरी से संबंधित शिकायत की।

राज्य भर में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं, जहां लोग गैस भरवाने के लिए इंतजार कर रहे थे और इसमें बुकिंग कराने के कई दिनों बाद भी गैस भरवाने के लिए इंतजार कर रहे लोग शामिल थे।

वहीं, कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के. एच. मुनियप्पा ने शुक्रवार को विधान परिषद में कहा कि स्टॉक नहीं होने के कारण होटलों और रेस्तरां को व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति करीब एक सप्ताह या दस दिनों तक करना मुश्किल होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुई आपूर्ति बाधाओं के बीच संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार हो सकता है।

बेंगलुरु में, एक आवासीय सोसाइटी ने निवासियों को गैस सिलेंडर की सामूहिक बुकिंग न करने की सलाह दी है।

बेंगलुरु अपार्टमेंट्स फेडरेशन (बीएएफ) ने निवासियों को अनावश्यक रूप से एक से अधिक सिलेंडर बुक न करने की सलाह दी है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) ने पेट्रोलियम मंत्री से एलपीजी सिलेंडरों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मांगी ताकि लंगर (सामुदायिक रसोई) सेवा निर्बाध रूप से जारी रह सके।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लिखे पत्र में डीएसजीएमसी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण गुरुद्वारों में लंगर सेवा प्रभावित हुई है क्योंकि गैस एजेंसियों द्वारा एलपीजी की आपूर्ति ‘रोक दी गई’ है।

राजस्थान के कोटा में, घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी से लगभग 4,000 छात्रावासों और 500 से अधिक मेस सुविधाओं वाले शहर में अफरातफरी फैल गई है।

तमिलनाडु के मदुरै में कालाबाजारी के लिए कथित रूप से 398 रसोई गैस सिलेंडर जमा करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार कर गुंडा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है।

कर्नाटक के यादगीर में एक विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान होटलों में व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे 46 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए।

विपक्षी सांसदों ने एलपीजी संकट के मुद्दे पर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने पूर्वाह्न करीब 10:30 बजे संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। वे पोस्टर लिए हुए थे, ‘एलपीजी संकट’ के नारे लगा रहे थे और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला करते हुए यह सवाल उठा रहे थे कि ‘गैस सिलेंडर कहां गए?’ कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अन्य घटक दलों के सांसद भी उनके साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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