जयपुर, 21 जनवरी (भाषा) राजस्थान कांग्रेस ने अशांत क्षेत्र संबंधी विधेयक के मसौदे को मंजूरी देने के राज्य कैबिनेट के फैसले की बुधवार को आलोचना की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून असंवैधानिक है और यह कानून-व्यवस्था की चिंता से अधिक राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।
राज्य कैबिनेट ने आज राजस्थान अशांत क्षेत्रों में अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर रोक और किरायेदारों को बेदखली से सुरक्षा प्रदान करने संबंधी विधेयक 2026 के मसौदे को मंजूरी दी। इस विधेयक का उद्देश्य विशेष समुदायों के लोगों के पलायन को रोकना बताया गया है।
जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ‘वॉर रूम’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह विधेयक तथाकथित “गुजरात मॉडल” पर आधारित है और शांतिपूर्ण राज्य में भय का माहौल बनाने की कोशिश है।
उन्होंने आरोप लगाया, “इस विधेयक की भाषा ही असंवैधानिक है। यह राजनीतिक भाषा है जिसका मकसद जनता के मुद्दों और सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाना है।”
डोटासरा ने सवाल उठाया कि नए कानून की आवश्यकता ही क्यों है, जबकि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) जैसी मौजूदा कानूनी व्यवस्थाएं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यह विधेयक मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, जिनमें समानता का अधिकार और संपत्ति का अधिकार शामिल हैं, और यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का कानून राज्य में निवेश और आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
डोटासरा ने कहा, “यह विधेयक निवेशकों को हतोत्साहित करेगा, विकास को प्रभावित करेगा और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ेगा।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में इस विधेयक का कड़ा विरोध करेगी और इसे सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह मुद्दा बनाएगी।
भाषा बाकोलिया नोमान
नोमान
नोमान
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
