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Monday, 16 March, 2026
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प्लास्टिक कचरे के निपटान का मामला ‘अत्यंत सार्वजनिक महत्व’ का है:सीआईसी

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नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा है कि ‘थर्मोसेट प्लास्टिक’ कचरे के निपटान के लिए जारी दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन से संबंधित मामले ‘अत्यंत सार्वजनिक महत्व’ के हैं क्योंकि इसके गंभीर पर्यावरणीय प्रभाव होते हैं।

एक आदेश में सूचना आयुक्त पी आर रमेश ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत ‘फाइबर रिइन्फोर्स्ड प्लास्टिक’ समेत ‘थर्मोसेट प्लास्टिक’ कचरे के निपटान के लिए दिशानिर्देशों को लागू कराने के संबंध में की गई कार्रवाई का विवरण प्रदान करने में बार-बार विफल रहने के लिए फटकार लगाई।

‘थर्मोसेट प्लास्टिक’ एक बार जम जाने के बाद दोबारा पिघलाया नहीं जा सकता है और न ही उसका आकार बदला जा सकता है। उसका निपटान अत्यंत कठिन माना जाता है।

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा, ‘‘अपीलकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दे सार्वजनिक महत्व के हैं। इसलिए सीपीसीबी के दिशानिर्देशों का प्रभावी और पारदर्शी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई जरूरी है।’’

सीआईसी ने कहा कि प्रथम अपीलीय प्राधिकरण (एफएए) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, सीपीसीबी कई आरटीआई आवेदनों का बिंदुवार जवाब देने में विफल रहा और कई मामलों में रिकॉर्ड के निरीक्षण की अनुमति नहीं दी।

तत्कालीन केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) के आचरण की निंदा करते हुए आयोग ने कहा कि यह ‘आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों का घोर उल्लंघन’ था। आयोग ने यह भी कहा कि ऐसा आचरण ‘आरटीआई आवेदनों के प्रति अधिकारियों के लापरवाहीपूर्ण रवैये’ को दर्शाता है।

सीआईसी ने 30 जनवरी के अपने आदेश में यह भी कहा कि अपशिष्ट निपटान दिशानिर्देश राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के अनुसार तैयार किए गए थे जिससे पर्यावरण संरक्षण और जनहित के लिए उनका कार्यान्वयन महत्वपूर्ण हो जाता है।

सुधार के कदम उठाने का निर्देश देते हुए, आयोग ने सीपीसीबी को आदेश दिया कि वह ‘मामले की पुन: जांच करे और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार चार सप्ताह के भीतर एक संशोधित बिंदुवार उत्तर प्रस्तुत करे।’

आयोग ने बोर्ड को यह भी निर्देश दिया कि वह परस्पर सहमति से तय तिथि और समय पर अपीलकर्ता को ‘संबंधित अभिलेखों के निरीक्षण का अवसर प्रदान करे।’

भाषा

राजकुमार संतोष

संतोष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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