कन्नूर (केरल), 22 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के केरल इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने रविवार को कहा कि पार्टी के असंतुष्ट नेताओं से सत्तारूढ़ वाम मोर्चे की आगामी विधानसभा चुनाव में संभावनाओं पर असर नहीं पड़ेगा और दलबदल करने वालों की संख्या ‘‘नगण्य’’ है।
गोविंदन ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी छोड़ने वाले कुछ नेताओं से नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) का आगामी चुनाव में 110 सीट हासिल करने का लक्ष्य है।
जी. सुधाकरन सहित चार वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी है और वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
गोविंदन ने कहा, ‘‘केरल में हमारे 5.5 लाख सदस्य और करीब 2.5 लाख समर्थक हैं। इनमें से अगर पांच-छह लोग गलत प्रवृत्तियों के कारण पार्टी छोड़ दें, तो क्या यह कहा जा सकता है कि वे कम्युनिस्ट आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं?’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विपरीत माकपा में कोई आंतरिक कलह नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमारी पार्टी में कोई समस्या नहीं है। कुछ लोग समस्याएं पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। हम ऐसे मामलों को पार्टी के भीतर सुलझाने की कोशिश करते हैं और अगर वे गंभीर हो जाते हैं, तो हम उन्हें बाहर कर देते हैं।’’
कांग्रेस नेता वी डी सतीशन के पलक्कड जैसे क्षेत्रों में भाजपा और माकपा के बीच अंदरूनी समझ होने के आरोप पर गोविंदन ने इसे निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता रोज ऐसे आरोप लगाते हैं। ऐसे बयानों का जवाब देने की जरूरत नहीं है।’’
उन्होंने इस दावे को भी खारिज किया कि माकपा ने अपने वाम सहयोगियों को किनारे कर दिया है और कहा कि मोर्चा अब भी एकजुट होकर काम कर रहा है।
कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर हमला करते हुए गोविंदन ने कहा कि विपक्षी गठबंधन को चुनाव में बड़ा झटका लगेगा, क्योंकि पिछले एक दशक में उसने राज्य के विकास में कोई भूमिका नहीं निभाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘एलडीएफ सरकार ने लोगों की चिंताओं को दूर करने और उनकी समस्याओं को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। हमारा 110 सीट हासिल करने का लक्ष्य है।’’
केरल की 140 विधानसभा सीट के लिए एक चरण में नौ अप्रैल को मतदान होगा और मतगणना चार मई को होगी।
वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रहा है।
भाषा गोला अमित
अमित
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
