scorecardresearch
Sunday, 22 March, 2026
होमदेशउम्मीदवार चयन के दौरान सामने आए मतभेदों का कांग्रेस की संभावनाओं पर असर नहीं पड़ेगा : तिरुवंचूर

उम्मीदवार चयन के दौरान सामने आए मतभेदों का कांग्रेस की संभावनाओं पर असर नहीं पड़ेगा : तिरुवंचूर

Text Size:

कोट्टायम (केरल), 22 मार्च (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि उम्मीदवार चयन के दौरान पार्टी में सामने आए मतभेद आगामी विधानसभा चुनाव में उसकी संभावनाओं पर असर नहीं डालेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के खिलाफ लड़ाई में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पूरी तरह एकजुट है।

कोट्टायम विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक राधाकृष्णन ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि उन्हें दोबारा मौका मिलने पर गर्व है। वह नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव में फिर से चुनावी मैदान में हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव की तुलना में इस बार पार्टी के भीतर उम्मीदवारों को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब ऐसे मुद्दे बहुत कम हैं। यह जनता की व्यापक भागीदारी वाली एक पार्टी है, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हैं। इसलिए पार्टी के भीतर अलग-अलग राय और दूसरी राय होना स्वाभाविक है। यह कोई गुटबाजी का मामला नहीं है।’’

राधाकृष्णन ने कहा कि सभी आंतरिक मुद्दे सुलझा लिए गए हैं और पार्टी अपने अभियान में एकजुट है। उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कोई अंदरूनी कलह नहीं है। हम सब साथ हैं। हमारा मुख्य लक्ष्य मौजूदा सरकार को बदलना है। नेताओं या कार्यकर्ताओं के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं होगा।’’

वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनके चुनाव प्रचार में एलडीएफ सरकार के तहत कानून-व्यवस्था और शासन सहित कई मुद्दे शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कानून-व्यवस्था की स्थिति का बिगड़ना, विकास गतिविधियों की कमी और समाज को बांटने की कोशिश- इस तरह का विभाजन स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार के ऐसे कदमों को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।’’

कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं करने पर राधाकृष्णन ने कहा कि पार्टी ने कभी ऐसी परंपरा नहीं अपनाई है और इस संबंध में फैसला आलाकमान लेता है।

उन्होंने कहा, ‘‘आलाकमान नेताओं की राय लेगा और फिर अंतिम निर्णय करेगा। इसे हमारे सभी विधायक और लोग भी स्वीकार करेंगे।’’

वरिष्ठ नेता होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद के लिए नाम पर विचार न किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा हमेशा पार्टी के निर्णयों से ही संचालित रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज जहां हूं, वह पार्टी की वजह से हूं। यही मेरा दृष्टिकोण और संस्कार रहा है। मैं किसी पद या जिम्मेदारी की मांग नहीं करूंगा चाहे वह पार्टी के भीतर हो या बाहर। यह फैसला पार्टी का है।’’

उन्होंने विश्वास जताया कि यह चुनाव सरकार में बड़ा बदलाव लाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के निधन के बाद होने वाले पहले विधानसभा चुनाव पर राधाकृष्णन ने कहा कि उन्होंने नामांकन दाखिल करने से पहले चांडी की कब्र पर जाकर श्रद्धांजलि दी।

यह राधाकृष्णन का नौवां विधानसभा चुनाव है। अपने पिछले आठ चुनावों में से उन्होंने सात में जीत हासिल की है।

वह 1991 से 2011 तक अडूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके बाद वह कोट्टायम से चुनाव लड़ने लगे, जहां से उन्होंने लगातार तीन बार जीत दर्ज की है। 1987 में कोट्टायम से हारने के बाद वह अब तक अजेय रहे हैं।

सात बार के विधायक राधाकृष्णन 2004-2006 और 2011-2016 के यूडीएफ शासन में मंत्री भी रह चुके हैं और विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

भाषा गोला अमित

अमित

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments