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Friday, 13 March, 2026
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क्या राज्यपाल ने सभी फाइल राष्ट्रपति को भेजी थी या सिर्फ पेररिवलन की फाइल भेजी थी: उच्च न्यायालय ने पूछा

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चेन्नई, 30 मार्च (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को बुधवार को निर्देशित किया कि वह इस बात का पताकर उसे सूचित करे कि क्या राज्य के राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में सभी सात दोषियों को रिहा करने को लेकर राज्य कैबिनेट की 2018 की सिफारिशों को केंद्र के पास भेजा था या सिर्फ एजी पेरारिवलन के संबंध में की गई सिफारिश को भेजा था।

मुख्य न्यायाधीश एमएन भंडारी और न्यायमूर्ति डी भारत चक्रवर्ती की पहली पीठ ने मौखिक रूप से यह निर्देश तब दिए जब हत्याकांड में एक दोषी नलिनी श्रीहरण की याचिका सुनवाई के लिए आई। इस याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि राज्यपाल की सहमति के बिना ही उसे रिहा करने का आदेश दें।

मामले में अन्य दोषी मुरुगन, संथान, ए जी पेरारिवलन, रॉबर्ट पायस, रविचंद्रन और जयकुमार हैं।

पीठ ने एक बार पूछा कि उच्च न्यायालय नलिनी की याचिका पर कैसे सुनवाई कर सकता है। उसने कहा कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि कैबिनेट की सिफारिश पर प्रतिहस्ताक्षर करने के लिए राज्यपाल को निर्देश देने की उसकी पहले की याचिकाओं को बार-बार खारिज कर दिया गया था।

तत्कालीन अन्नाद्रमुक की अगुवाई वाली कैबिनेट ने सितंबर 2018 में एक प्रस्ताव पारित किया था और अपनी सिफारिशों को तत्कालीन राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को भेजा था और उनसे सभी सात दोषियों को संविधान के अनुच्छेद 161 तहत समय से पहले रिहा करने का आदेश देने का आग्रह किया था। जब राज्यपाल की ओर से कुछ नहीं किया गया तो नलिनी ने उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं दायर कर राज्यपाल को उनकी याचिका पर विचार करने का निर्देश देने की गुजारिश की।

भाषा

नोमान अनूप

अनूप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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