नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका अपने चल रहे प्रदर्शन को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं.
सोमवार सुबह सरकार की बातचीत की इच्छा जताए जाने की जानकारी मिलने के बाद दास, दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (नई दिल्ली) सचिन शर्मा से मिलने गए.
दास ने X पर लिखा, “कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से मैं और आशुतोष रांका जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं. सरकार ने आज सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था. हमारी मांगें बिल्कुल साफ हैं. बड़ी संख्या में युवा जुटे हैं. जीत हमारी होगी.”
#IMPORTANT: It’s 11:52 AM. Ashutosh Ranka and I, on behalf of the Cockroach Janta Party, are on our way to meet J.P. Nadda. The government had reached out for talks in the morning. Our demands are clear. The youth has gathered in huge numbers.
We shall win!
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
इससे पहले रांका ने X पर लिखा था कि उन्हें दिल्ली पुलिस ने “सरकार की बातचीत की इच्छा” के बारे में बताया था, लेकिन “पिछले 5 घंटे में इस पर कोई प्रगति नहीं हुई है.”
CJP प्रवक्ता ने पोस्ट में पूछा, “क्या सरकार जानबूझकर बातचीत में देरी कर रही है?”
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, CJP ने किसी कैबिनेट मंत्री से बातचीत की मांग की थी और उन मंत्रियों की एक सूची भी दी थी जिनसे वह मिलना चाहता था. लेकिन इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया.
सूत्रों ने बताया कि इसके बजाय CJP सदस्यों को जिला मजिस्ट्रेट, केंद्र सरकार के किसी सचिव या किसी राज्य मंत्री से मिलने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया.
इससे पहले सोमवार को CJP के हजारों समर्थकों ने निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च शुरू किया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई थी.
यह मार्च उस घटना के दो दिन बाद निकाला गया है, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था.
इस बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है. हजारों प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस और संसद मार्ग समेत आसपास की सड़कों पर जमा हैं. पुलिस ने जब कई लोगों को बैरिकेड पार करने से रोका तो कई जगह झड़पें हुईं. वहीं, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: इरोम शर्मिला से सोनम वांगचुक तक: भूख हड़ताल और मेडिकल ट्रीटमेंट पर क्या कहता है कानून?