scorecardresearch
Monday, 20 April, 2026
होमदेशश्रीनगर की ऐतिहासिक ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं मिली: जामा मस्जिद प्रबंधन निकाय

श्रीनगर की ऐतिहासिक ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं मिली: जामा मस्जिद प्रबंधन निकाय

Text Size:

श्रीनगर, 28 जून (भाषा) श्रीनगर में स्थित ऐतिहासिक ईदगाह के प्रबंधन निकाय ने बुधवार को कहा कि अधिकारियों ने ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी है।

अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने एक बयान में कहा कि अधिकारियों ने प्रबंध निकाय को इस फैसले से अवगत करा दिया है।

पिछले कई वर्षों से ईदगाह में ईद की सामूहिक नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई है।

बयान में कहा गया, “जनता को सूचित किया जाता है कि अधिकारियों ने अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद को बता दिया है कि एक बार फिर, श्रीनगर में ऐतिहासिक और केंद्रीय ईदगाह में ईद उल अज्हा की नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

बयान के अनुसार जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आज सुबह अंजुमन औकाफ को फैसले से अवगत कराया।

अंजुमन ने पिछली परंपराओं को ध्यान में रखते हुए घोषणा की थी कि श्रीनगर की ईदगाह में सुबह नौ बजे ईद की नमाज अदा की जाएगी।

बयान में कहा गया है, “सदियों से ईद की नमाज के लिए निर्दिष्ट ईदगाह में नमाज को रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे घाटी और उससे बाहर के लाखों मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं ।”

हिज्बुल मुजाहिदीन के तत्कालीन कमांडर बुरहान वानी की हत्या के बाद 2016 से ईदगाह में ईद की नमाज नहीं हुई है, क्योंकि अधिकारियों को कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। उस समय घाटी में आतंकवाद का ‘पोस्टर ब्वॉय’ रहा वानी ईद-उल-फितर के तीन दिन बाद 8 जुलाई 2016 को सुरक्षा बलों से हुई मुठभेड़ में मारा गया था। वानी के मारे जाने के बाद घाटी में कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन हुआ था।

अंजुमन ने मीरवाइज-ए-कश्मीर मोहम्मद उमर फारूक की निरंतर हिरासत की भी निंदा की, जो परंपरागत रूप से ईद की नमाज से पहले ईदगाह में खुतबा (उपदेश) देते हैं।

मीरवाइज 5 अगस्त, 2019 से घर में नजरबंद हैं, जब केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था।

बयान में कहा गया है कि मीरवाइज की रिहाई के लिए विभिन्न धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक संगठनों और नागरिक संस्थाओं की अपील के बावजूद, ‘उन्हें लगातार हिरासत में रखा जा रहा है, जो बेहद दुखद और परेशान करने वाली बात है।’

भाषा जोहेब नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments