नई दिल्ली: एक स्वतंत्र महिला पत्रकार के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग बढ़ती जा रही है. इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने एक इंस्टाग्राम यूज़र को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने एक “एआई से बनाया हुआ वीडियो फैलाया”, जिसमें अधिकारी को शिकायतकर्ता के साथ “गलत व्यवहार करते हुए” दिखाया गया था.
पुलिस ने आरोपी की पहचान हरियाणा के पलवल निवासी नदीम अहमद के रूप में की है.
अतिरिक्त डीसीपी (नई दिल्ली) मनजीत श्योराण के मुताबिक, आरोपी ने “एआई टूल का इस्तेमाल करके ऐसा सीसीटीवी फुटेज बनाया, जिसमें एसीपी (कनॉट प्लेस) विवेक भगत महिला पत्रकार के साथ गलत व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहे हैं.”
महिला पत्रकार के लगाए आरोपों के संबंध में भगत के खिलाफ अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. पुलिस के मुताबिक, कथित सीसीटीवी फुटेज के अलावा, जिसे पुलिस एआई से बनाया गया बता रही है, वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ी कथित घटना का अभी तक कोई सबूत सामने नहीं आया है.
Team of Cyber Police station, @DCPNewDelhi arrested one self claimed independent journalist for circulating a fabricated video falsely portraying Sh. Vivek Bhagat, ACP, Delhi Police in bad light.
The accused person circulated the incriminating video reel through one Instagram… pic.twitter.com/zcNG7np2ZE
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 6, 2026
दिप्रिंट ने एआई से बनाए गए वीडियो का एक स्क्रीनशॉट देखा है. इसमें एक बॉक्स में एसीपी भगत की तस्वीर शिकायतकर्ता के साथ दिखाई गई है. बीच में भगत की एक तस्वीर है, जिसमें वह शिकायतकर्ता के साथ “गलत व्यवहार” करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसके नीचे “सीसीटीवी फुटेज” लिखा है.
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह स्क्रीनशॉट दिखाया, “दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत ने पत्रकार के सवाल पूछने पर उसे पुश किया और फिर वहां से भाग गए.”
अतिरिक्त डीसीपी श्योराण ने कहा, “इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज ‘न्यूज़ आइना’ दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को एक महिला के साथ गलत व्यवहार करते हुए दिखाने वाली एआई से बनाई गई सीसीटीवी तस्वीर शेयर कर रहा था. नई दिल्ली जिले की पुलिस की साइबर विंग से सूचना मिलने के बाद हमने तकनीकी जांच की, जिससे यह भी पुष्टि हुई कि यह वीडियो एआई से बनाया गया था.”
तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने पता लगाया कि यह पेज हरियाणा के पलवल निवासी फारुख अहमद के बेटे नदीम अहमद चला रहा था. श्योराण ने कहा, “पूछताछ के दौरान उसने हमें बताया कि उसने सबसे पहले यह पेज सीजेपी प्रदर्शन के दौरान बनाया था और वीडियो शेयर करना शुरू किया था.”
अतिरिक्त डीसीपी ने आगे बताया कि आरोपी ने कबूल किया कि उसके पास कई एआई टूल्स का इस्तेमाल करने की सुविधा थी और उसने दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने के लिए यह वीडियो बनाया था. श्योराण ने मीडिया से कहा, “उसने कबूल किया कि उसने दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने, अशांति फैलाने और दंगे जैसी स्थिति पैदा करने के लिए यह वीडियो बनाया था.”
शुरुआती पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं की है. उसने दक्षिण दिल्ली के साकेत स्थित एक मदरसे में आखिरी बार 10वीं कक्षा की पढ़ाई की थी.
अधिकारी ने कहा, “उसने हमें बताया कि उसने पहली बार यह पोस्ट 3 अक्टूबर को बनाई थी और फिर इसे 4 अक्टूबर को शेयर किया. रविवार को इस पोस्ट के फैलने के बाद प्रदर्शनकारियों में हलचल पैदा हुई, जो शनिवार को हुई हलचल जैसी नहीं थी.”
अहमद के खिलाफ दंगा करने और जालसाजी से जुड़े बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उसे सोमवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया. फिलहाल पुलिस उसके पैसे के स्रोत, उसके दूसरे साथियों और इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है.
हालांकि, पुलिस ने एआई से बनाई गई पोस्ट का संज्ञान लिया है, लेकिन उसमें दी गई बातें उस महिला पत्रकार के लगाए आरोपों से मिलती-जुलती हैं, जो मध्य दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन को कवर कर रही थीं. उनकी शिकायत के मुताबिक, उन्होंने देखा कि आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा और दूसरी महिला प्रदर्शनकारियों को महिला पुलिस अधिकारियों की गैरमौजूदगी में हिरासत में लिया जा रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस बात की ओर ध्यान दिलाया, तो एसीपी भगत ने उनके साथ ‘छेड़छाड़ की और उन्हें धक्का दिया’. उनके मुताबिक, जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो अधिकारी वहां से भाग गए.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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