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Friday, 1 May, 2026
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने हथियार कारोबारी संजय भंडारी की याचिका खारिज की

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नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक निचली अदालत के उस आदेश को बृहस्पतिवार को बरकरार रखा जिसमें ब्रिटेन में रह रहे हथियार कारोबारी संजय भंडारी को धनशोधन मामले के संबंध में ‘‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’’ घोषित किया गया था।

न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने कहा, ‘‘अपील खारिज की जाती है।’’

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर पांच जुलाई, 2025 को भंडारी को ‘‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’’ घोषित किया था, जिससे एजेंसी को भंडारी की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने का अधिकार मिल गया था।

ब्रिटेन की एक अदालत ने भंडारी के प्रत्यर्पण के खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसके बाद उसके भारत आने की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं।

भंडारी की कानूनी टीम ने उनके मुवक्किल को भगोड़ा अपराधी घोषित करने के ईडी के कदम का विरोध करते हुए दावा किया था, “भंडारी के ब्रिटेन में रहने को अवैध करार नहीं दिया जा सकता, क्योंकि उनके पास ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार है और भारत सरकार ब्रिटिश अदालत के फैसले से बंधी हुई है, इसलिए भंडारी कानूनी रूप से वहां रह रहे हैं और ऐसे में उन्हें ‘भगोड़ा’ घोषित करना कानूनी रूप से गलत है।”

आयकर विभाग द्वारा 2016 में दिल्ली में छापेमारी के तुरंत बाद भंडारी (63) लंदन भाग गया था।

संघीय एजेंसी ने 2020 में भंडारी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।

आयकर विभाग ने काला धन रोधी अधिनियम, 2015 के तहत भंडारी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए ईडी ने फरवरी 2017 में उसके (भंडारी) और अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन का आपराधिक मामला दर्ज किया था।

एजेंसी कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा के पति एवं व्यवसायी रॉबर्ट वाद्रा के साथ भंडारी के संबंधों की भी जांच कर रही है।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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