नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) वरिष्ठ नागरिकों को तमिलनाडु के वेलंकन्नी चर्च की मुफ्त यात्रा कराने की दिल्ली सरकार की योजना को अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली है। गत वर्ष नवंबर में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना’ के तहत तीर्थस्थलों की सूची में इस लोकप्रिय चर्च को जोड़ने की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा था, “हमारे ईसाई भाइयों से अनुरोध प्राप्त हो रहा था कि इस योजना में कुछ तीर्थस्थलों को जोड़ा जाए। हमने वेलंकन्नी चर्च को इस योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है।” यह चर्च देश में ईसाई मतावलंबियों के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल है। हालांकि, घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों का कहना है कि वेलंकन्नी चर्च जाने की इच्छा रखने वालों के बहुत कम आवेदन प्राप्त हुए हैं।
एक अधिकारी ने कहा, “इस साल जनवरी में कोरोना वायरस जनित महामारी की तीसरी लहर के कारण योजना पर रोक लगने के बाद से अब तक केवल 500-600 आवेदन प्राप्त हुए हैं।” योजना की शुरुआत 2019 में की गई थी लेकिन कोविड-19 के कारण इसे निलंबित कर दिया गया था।
लगभग 23 महीने बाद पिछले साल दिसंबर में इस योजना को फिर से शुरू किया गया। हालांकि, इस साल जनवरी में महामारी की तीसरी लहर आने पर योजना पर रोक लगा दी गई और 14 फरवरी को द्वारका-सोमनाथ ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ ही इसे पुनः शुरू किया गया।
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