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Tuesday, 1 September, 2026
होमदेशदिल्ली गैंगरेप: UP की किशोरी को 3 घंटे बस में रखा, फिर ‘बेचैन हालत में’ सड़क किनारे फेंका—पुलिस

दिल्ली गैंगरेप: UP की किशोरी को 3 घंटे बस में रखा, फिर ‘बेचैन हालत में’ सड़क किनारे फेंका—पुलिस

17 साल की लड़की को रिंग रोड के पास एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर ने देखा, जो उसे कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन ले गया.

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की किशोरी के साथ 4 अगस्त की देर रात एक स्लीपर बस के ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा कथित तौर पर रेप की डरावनी कहानी और भी उलझती जा रही है. पुलिस का कहना है कि वह तीन घंटे तक बस में थी.

4 अगस्त की आधी रात के आस-पास, एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर ने कश्मीरी गेट इलाके में रिंग रोड के पास एक परेशान लड़की को खड़ा देखा. थोड़ी देर की बातचीत में पता चला कि 17 साल की लड़की के साथ ग्रेटर नोएडा के परी चौक से बस में चढ़ने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने “गैंग रेप” किया था.

मामले की जानकारी रखने वाले एक ऑफिसर ने कहा, “ऑटो-रिक्शा ड्राइवर ने लड़की से पूछा कि वह कहां हैं, जब उन्हें परेशान हालत में देखा गया. वह रो रहीं थीं और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह कहां हैं.”

ऑटो-रिक्शा ड्राइवर लड़की को कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन ले गया, जहां उन्होंने पुलिस को अपने पिता का नंबर दिया और अपनी आपबीती सुनाई. ऑफिसर ने कहा, “उन्होंने हमें बताया कि वह रात करीब 9 बजे बस में चढ़ी थीं और आधी रात तक ड्राइवर-कंडक्टर की जोड़ी ने उन्हें रिंग रोड के पास छोड़ दिया.”

लड़की अपनी मां से पढ़ाई को लेकर हुई बहस के बाद मैनपुरी में अपने घर से निकली थीं और नोएडा के सेक्टर 63 में अपने कज़िन के घर जा रही थीं, जब वह गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पहुंच गईं.

शुरुआती जांच से पता चला है कि सर्वाइवर लगभग तीन घंटे तक बस में थीं. एक अन्य ऑफिसर ने कहा, “परी चौक और कश्मीरी गेट के बीच की दूरी ड्राइव करने में एक घंटे से भी कम समय लेती है, लेकिन आरोपी ने बस को लगभग तीन घंटे तक घुमाया और आखिर में उसे कश्मीरी गेट के पास छोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे ले गया.”

शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि कंडक्टर ने पहले उससे पूछा कि वह कहां जाना चाहती है और जब लड़की ने कहा कि वह उसकी मंज़िल है, तो उसने तुरंत कहा कि बस सेक्टर 63, नोएडा जा रही है. ऑफिसर ने आगे कहा, “कंडक्टर ने उसकी मंज़िल के बारे में पूछा और फिर उसे बस में चढ़ने के लिए मना लिया.”

सर्विलांस फुटेज से पता चला है कि नाबालिग लड़की को रिंग रोड के पास छोड़ने के बाद, आरोपी बस को तिमारपुर बस स्टैंड इलाके तक ले गया. ऑफिसर ने कहा, “नाबालिग सर्विलांस फुटेज पर बस और आरोपियों की पहचान कर पाई; उन्हें 5 अगस्त को कुछ ही घंटों में पकड़ लिया गया.”

इलाज के बाद, पीड़िता को मैनपुरी में रहने वाले उनके पिता को सौंप दिया गया.

पूछताछ के दौरान, दो आरोपियों—ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप, ने पुलिस को बताया कि उन्होंने लड़की को परी चौक के पास सड़क पर फंसा हुआ देखकर उसे उठा लिया था. जब पुलिस ने दोनों से मकसद के बारे में पूछा तो आरोपियों ने कहा, “बारिश हो रही थी और वह अकेली थी, इसलिए हम उसे उठा ले गए.”

पुलिस ने घटनास्थल बस से बालों के रेशों और तौलियों के सैंपल इकट्ठा किए थे.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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