जम्मू/श्रीनगर, 27 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों में रिकॉर्ड बारिश के बाद संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई, जिनमें से अधिकतर लोग वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन की चपेट में आ गए। बुधवार को बारिश से कुछ राहत मिलने के बाद राहत कार्यों में तेज़ी आई।
जम्मू क्षेत्र में उफनती नदियों के जलस्तर में कमी आने के बीच अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी का जलस्तर बाढ़ की चेतावनी के निशान को पार कर गया तथा कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। अधिकारियों ने निवासियों को आश्वस्त किया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में जलाशयों में बाढ़ के कारण कई प्रमुख पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
क्षेत्र में दूरसंचार सेवाएं 22 घंटे से ज़्यादा समय तक बंद रहने के बाद आंशिक रूप से बहाल कर दी गईं। वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला स्थिति का जायजा लेने के लिए श्रीनगर से जम्मू पहुंचे।
वैष्णो देवी में भूस्खलन की घटना में बचावकर्मियों द्वारा मलबे से और शव निकाले जाने के बाद, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में पर्वतीय क्षेत्र में स्थित वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर एक दिन पहले भूस्खलन हुआ था।
अधिकारियों ने कहा कि लगातार और भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है।
जम्मू में बुधवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 1910 में शीतकालीन राजधानी में वेधशाला की स्थापना के बाद से 24 घंटे की अवधि में सबसे अधिक बारिश है।
कश्मीर घाटी में भी रात भर भारी बारिश हुई, जहां झेलम नदी अनंतनाग जिले के संगम में 21 फुट और श्रीनगर के राम मुंशी बाग में आज सुबह 18 फुट के निशान को पार कर गई।
मंगलवार को डोडा जिले में तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह सभी की सुरक्षा और उनके कुशल होने की प्रार्थना करते हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर भूस्खलन के कारण लोगों की जान जाने की खबर दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।’’
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया है और जम्मू-कश्मीर के लोगों को सहायता प्रदान करने के उनके आश्वासन के लिए आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार को बारिश रुकने से उन्हें थोड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘कल की तुलना में, आज (बुधवार) बारिश रुकने से हमें थोड़ी राहत मिली है। निचले इलाकों में पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है।’’
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाढ़ग्रस्त इलाकों से 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में जम्मू क्षेत्र के अधिकतर हिस्सों में लगातार बारिश जारी रही और तवी, चिनाब, उझ, रावी और बसंतर सहित लगभग सभी नदियों में पानी का स्तर खतरे के स्तर से कई फुट ऊपर है।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि जम्मू कश्मीर में बारिश के नए रिकॉर्ड बने हैं तथा मंगलवार सुबह 8:30 बजे से 24 घंटों में उधमपुर में 629.4 मिमी और जम्मू में 296 मिमी बारिश हुई है, जो अभूतपूर्व है
आईएमडी के अनुसार, मंगलवार सुबह 8:30 बजे से बुधवार सुबह 8:30 बजे के बीच हुई बारिश ने जुलाई 2019 में उधमपुर में 342 मिमी और अगस्त 1973 में जम्मू में 272.6 मिमी बारिश के पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए।
भाषा अविनाश नरेश दिलीप
दिलीप
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