पटना, 23 सितंबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए उनके खिलाफ ‘‘तत्काल महाभियोग’’ की मांग की। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने तथा एसआईआर के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं, वहां नए सिरे से चुनाव कराने की भी मांग की।
वाम दल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बयान साझा कर यह मांग की।
भट्टाचार्य एसआईआर को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं में शामिल रहे हैं और वह बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के प्रमुख प्रतिभागियों में भी शामिल थे।
पार्टी के बयान में कहा गया कि एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर ‘गंभीर मतभेद’ सामने आए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि इससे मुख्य चुनाव आयुक्त की ‘मनमानी भूमिका’ उजागर हुई है।
भाकपा (माले) ने कहा कि वह राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग, एसआईआर प्रक्रिया के तत्काल निलंबन तथा एसआईआर के बाद संपन्न सभी चुनावों को रद्द कर संबंधित राज्यों में नए चुनाव कराने की मांग करेगी।
पार्टी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति को भेजे जाने वाले पत्र में गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए प्रत्येक मतदाता के मतदान अधिकार की बहाली तथा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े उच्चतम न्यायालय के फैसले की भावना के अनुरूप संवैधानिक संशोधन कर चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल होगी।
भाषा कैलाश शफीक
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