नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सोनम वांगचुक की रिहाई का स्वागत किया और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) जैसे ‘‘कठोर’’ कानूनों के प्रति अपने विरोध को दोहराया। वांगचुक को रासुका के तहत ही हिरासत में लिया गया था।
पार्टी महासचिव एम ए बेबी ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि उच्चतम न्यायालय वांगचुक की हिरासत से संबंधित याचिका के संबंध में फैसला सुनाए और उन्हें मुआवजा राहत प्रदान की जाए।
उच्चतम न्यायालय फिलहाल सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहा है। याचिका में अंगमो ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत वांगचुक की हिरासत को चुनौती देते हुए इसे अवैध और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाला मनमाना कृत्य बताया है।
बेबी ने कहा, ‘‘भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा छह महीने तक रासुका के तहत एहतियातन हिरासत में रखे गए सोनम वांगचुक की रिहाई का स्वागत है।’’
बेबी ने मंगलवार देर रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गीतांजलि अंगमो को वांगचुक की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए कानूनी लड़ाई में डटे रहने के लिए बधाई।’’
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सुरभि सुरेश
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