(कुणाल दत्त)
नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को राज्य में जी-20 पर्यटन कार्य समूह की चौथी बैठक के उद्घाटन सत्र में कहा कि कोविड-19 महामारी और इससे उत्पन्न चुनौतियों ने पर्यटन उद्योग में लचीली प्रथाओं को विकसित करने के महत्व को उजागर किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बैठक स्थायी पर्यटन के लिए एक खाका तैयार करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना सुनिश्चित करेगी। चौथी और अंतिम पर्यटन कार्य समूह बैठक और इसके बाद होने वाली जी-20 पर्यटन मंत्रिस्तरीय बैठक के अंत में एक गोवा प्रारूप और कार्य योजना तथा इसकी पुष्टि करने वाली एक मंत्रिस्तरीय विज्ञप्ति जारी की जाएगी।
सावंत ने गोवा के नाम पर ‘पर्ल ऑफ द ओरिएंट’ के रूप में जोर देते हुए प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे ‘गठबंधन बनाने, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और सामूहिक रूप से भविष्य की दिशा में काम करने के लिए मंच का उपयोग करें जहां हमारा वैश्विक परिवार एक साथ पनप सके”।
गोवा के मुख्यमंत्री ने महामारी से इस क्षेत्र पर पड़े विनाशकारी प्रभाव के बाद राज्य में पर्यटन को फिर से शुरू करने पर बात की। महामारी के चलते उड़ानें बंद हो गईं और होटल व आतिथ्य उद्योग के अन्य प्रतिष्ठान ठप हो गए थे।
सावंत ने कहा, ‘‘सभी चुनौतियों के बीच कोविड-19 महामारी ने पर्यटन उद्योग में लचीली प्रथाओं को विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला है। गोवा, डब्ल्यूटीटीसीआईआई से वैश्विक सुरक्षित यात्रा टिकट प्राप्त करने वाला भारत का पहला राज्य होने के नाते महामारी के बाद अधिक जिम्मेदार तरीके से अपने पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध था।’’
विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद, भारत पहल (डब्ल्यूटीटीसीआईआई) को देश में अर्थव्यवस्था की वृद्धि और विकास में यात्रा और पर्यटन की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए फरवरी 2000 में शुरू किया गया था।
भाषा प्रशांत ब्रजेन्द्र
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